/newsnation/media/media_files/2026/01/02/trump-to-khamnei-2026-01-02-15-28-03.jpg)
ईरान इस समय एक बार फिर गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कई दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं. महंगाई, बेरोजगारी और गिरती अर्थव्यवस्था से त्रस्त जनता सड़कों पर उतर आई है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं.
विरोध की आग कैसे फैली?
इन प्रदर्शनों की शुरुआत आर्थिक असंतोष से हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह राजनीतिक विरोध में बदल गए. तेहरान से लेकर लोरेस्टन प्रांत के अजना शहर तक हालात तनावपूर्ण हैं. सेमी-ऑफिशियल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल अजना शहर में ही तीन लोगों की जान गई और 17 से ज्यादा लोग घायल हुए.
प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह मुर्दाबाद', 'बेशर्म, बेशर्म' जैसे नारे लगाए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आगजनी, पुलिस की सख्ती और गोलियों की आवाजें साफ सुनी जा सकती हैं, जिसने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है.
आर्थिक संकट बना सबसे बड़ा कारण
-ईरान की जनता के गुस्से की जड़ में गंभीर आर्थिक संकट है.
-देश की मुद्रा रियाल लगातार कमजोर हो रही है
-1 अमेरिकी डॉलर ≈ 14 लाख रियाल तक पहुंच चुका है
- बेरोजगारी चरम पर है
- जरूरी सामान आम लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है
इन हालातों ने आम नागरिकों की जिंदगी मुश्किल बना दी है. कई प्रदर्शनकारी मौजूदा शासन व्यवस्था को खत्म करने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग राजशाही की वापसी तक की बात कह रहे हैं.
अमेरिका की एंट्री से बढ़ा तनाव
ईरान के आंतरिक हालात पर अब अमेरिका की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक सख्त पोस्ट के जरिए ईरानी नेतृत्व को चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गईं, तो अमेरिका उनके बचाव के लिए तैयार है.
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका 'लॉक और लोडेड' है, यानी सैन्य रूप से पूरी तरह तैयार है. इस बयान ने ईरान-अमेरिका संबंधों में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है.
आगे क्या हो सकता है?
- ईरान में हालात तेजी से बदल रहे हैं.
- अगर दमन बढ़ता है तो विरोध और उग्र हो सकते हैं
- अंतरराष्ट्रीय दबाव तेज हो सकता है
- क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा भी बढ़ेगा
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि ईरान की सरकार हालात को संवाद से संभालती है या ताकत से. इतना तय है कि यह विरोध सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं, बल्कि ईरान की राजनीति और भविष्य पर गहरा असर डाल सकता है.
यह भी पढ़ें - Balochistan Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में फिर से धमाका, अब तक एक व्यक्ति की मौत
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us