IRAN-USA Tension: आज या कल.....क्या अमेरिका ने ईरान में तबाही मचाने के लिए लिख ली है स्क्रिप्ट?

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु बातचीत का दूसरा दौर बिना किसी बड़े नतीजे के खत्म हो गया है. इसके बाद अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिका के बातों से सहमत नहीं होता है तो कभी हमला किया जा सकता है.

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु बातचीत का दूसरा दौर बिना किसी बड़े नतीजे के खत्म हो गया है. इसके बाद अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिका के बातों से सहमत नहीं होता है तो कभी हमला किया जा सकता है.

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Ravi Prashant
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US Iran Tension

सांकेतिक तस्वीर (NN)

अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में हुई दूसरे दौर की बातचीत के बाद भी हालात सुधरते नहीं दिख रहे हैं. अमेरिका ने एक बार फिर ईरान को कड़े शब्दों में अल्टीमेटम दी है. वहीं, ईरान ने पलटवार करते हुए रूस के साथ मिलकर ओमान की खाड़ी में युद्ध अभ्यास करने की घोषणा कर दी है, ताकि किसी भी एकतरफा सैन्य कार्रवाई को रोका जा सके. इस हलचल से मिडिल ईस्ट में स्थिति सही नजर नहीं आ रही है. 

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डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी

वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने कहा कि कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी दोनों पक्ष कई बातों पर एक-दूसरे से काफी दूर हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सीधे तौर पर कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका हिंद महासागर में अपने एयरबेस का इस्तेमाल कर ईरान के ठिकानों को खत्म कर सकता है. अमेरिका ने पहले ही इस इलाके में अपने दो युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात कर दिए हैं.

रूस के साथ ईरान का युद्ध अभ्यास

तनाव के बीच ईरान ने बुधवार को बताया कि वह रूस के साथ ओमान की खाड़ी में समुद्री युद्ध अभ्यास करेगा. ईरानी नेवी के अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद शांति का संदेश देना है, लेकिन साथ ही यह उन ताकतों को चेतावनी भी है जो इस इलाके में मनमानी करना चाहते हैं. रूस ने भी चेतावनी दी है कि ईरान पर किसी भी तरह के हमले के गंभीर नतीजे होंगे और इससे परमाणु खतरा भी पैदा हो सकता है.

क्या है विवाद की जड़?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने यहां यूरेनियम को रिफाइन करना पूरी तरह बंद कर दे और अपनी मिसाइलों की संख्या भी कम करे. वहीं, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु काम शांति के लिए है. ईरान चाहता है कि बातचीत तभी आगे बढ़े जब उस पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं. वह अपनी मिसाइलों को लेकर किसी भी तरह की शर्त मानने को तैयार नहीं है.

इजराइल और अमेरिका मिलकर करने वाले हैं अटैक? 

जानकारों का मानना है कि जिस तरह से अमेरिका अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है और ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है, उससे जंग का खतरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. इजरायल और अमेरिका के बीच भी इस मुद्दे पर बातचीत होने वाली है, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा या बंदूकें चलेंगी. इस बीच, मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिल रहा है कि यूएसएस गेराल्ड फोर्ड इजरायली तट की ओर बढ़ रहा है. इस घटनाक्रम से यह संभावना बढ़ गई है कि अगर ईरान अमेरिकी वार्ता के लिए सहमत नहीं होता है तो वह किसी भी समय हमला कर सकता है.

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