ईरान में जारी प्रोटेस्ट में अब तक 35 प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा, 31 में से 27 प्रांतों में हो रहा विरोध

Iran Protest: ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है. 27 प्रांतों में प्रदर्शन, अब तक 35 मौतें, सरकार सख्ती से आंदोलन दबाने में जुटी.

Iran Protest: ईरान में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है. 27 प्रांतों में प्रदर्शन, अब तक 35 मौतें, सरकार सख्ती से आंदोलन दबाने में जुटी.

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Yashodhan Sharma
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Iran Protest

Iran Protest Photograph: (NN)

Iran Protest: ईरान में बढ़ती महंगाई और खराब आर्थिक हालात ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है. हालात से नाराज जनता अब सीधे इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है. राजधानी तेहरान समेत इस्फहान, मशहद, शिराज और कोम जैसे बड़े शहरों में पिछले कई हफ्तों से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन से मुक्ति की मांग कर रहे हैं और सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं.

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ईरान सरकार आंदोलन को बता रही साजिश

ईरानी सरकार इन प्रदर्शनों को जनता का आंदोलन मानने से इनकार कर रही है. सरकार का कहना है कि इसके पीछे विदेशी साजिश है. वहीं, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से सख्ती की जा रही है. दो दिन पहले सर्वोच्च नेता खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा था कि दंगाइयों से सख्ती से निपटा जाएगा.

अब तक 35 मौतों का दावा

एपी ने मानव अधिकार न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है. जान गंवाने वाले लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा 1200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के 31 में से 27 प्रांतों में 250 से अधिक जगहों पर प्रदर्शन हुए हैं.

भारी संख्या में बल तैनात

सरकारी मीडिया का दावा है कि इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान भी घायल हुए हैं. हालात ऐसे हैं कि फिलहाल प्रदर्शनों के थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे.

अंतराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज

इन बढ़ते प्रदर्शनों के बीच अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा हुई, तो अमेरिका उनकी मदद कर सकता है. इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी है.

2022 के बाद से सबसे बड़ा प्रदर्शन

विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रदर्शन 2022 के बाद सबसे बड़े हैं. तब महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद देशभर में आंदोलन हुआ था. हालिया विरोध की बड़ी वजह ईरान की बिगड़ती अर्थव्यवस्था है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और हालिया युद्ध के बाद ईरानी मुद्रा रियाल बुरी तरह गिर चुकी है, जिससे महंगाई चरम पर पहुंच गई है.

मीडिया पर इंटरनेट पाबंदियां

ईरान में मीडिया पर सरकारी नियंत्रण और इंटरनेट पाबंदियों के कारण सही जानकारी सामने आना मुश्किल हो रहा है. फिर भी सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और रिपोर्ट्स यह साफ दिखा रहे हैं कि देश में जनता का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है.

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iran Ayatollah Ali Khamenei
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