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Iran Protest
Iran Protest: ईरान में सत्ता के खिलाफ प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है. ईरान के नागरिक सरकार के खिलाफ लगातार चौथे दिन भी डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारी ईरान में सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. देश के विभिन्न शहरों में सरकार विरोधी रैलियां निकाली गईं. प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. वे लोग निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी का समर्थन कर रहे हैं. देश के 31 में से 21 राज्यों में प्रदर्शन हो रहा है.
2022 के बाद से सबसे बड़ा प्रदर्शन
दिसंबर 2025 से ईरान में आर्थिक संकट की वजह से प्रदर्शन हो रहा है. ईरान में महंगाई का कहर है. यहां महंगाई दर 42 फीसद तक पहुंच गया है. वर्तमान प्रदर्शन 2022 में हुए महसा अमीनी आंदोलन के बाद सबसे बड़ा है. 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाजार से प्रदर्शन शुरू हुआ था, जहां दुकानदारों ने हड़ताल की थी. ईरान के एक शहर में प्रदर्शनकारियों ने तानाशाह मुर्दाबाद, डेथ टू डिटेक्टर और डरो मत, हम सब साथ हैं सहित अन्य नारे लगाए, अन्य शहरों में राजशाही के समर्थन में नारेबाजी हुई.
🚨 Protest in Iran: Demonstrators took over the governor's house in the city of Fasa in Fars province in southern Iran. The Iranian police began shooting at the demonstrators in Fasa. There is evidence of tear gas being fired directly at the demonstrators. pic.twitter.com/nWY4lUrJ7E
— Raylan Givens (@JewishWarrior13) December 31, 2025
सुरक्षा बलों का हुआ बल प्रयोग
प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सुरक्षाबलों को बल का प्रयोग करना पड़ा. असदाबाद, हमादान और नाहवंद जैसे शहरों में गोलीबारी की गई. आंसू गैस के गोले भी दागे गए. हालांकि, प्रदर्शनकारी हिले नहीं, वे डटे हुए हैं.
प्रदर्शनकारियों को मौलनाओं का समर्थन
प्रदर्शन को अब मौलानाओं का भी सपोर्ट मिलना शुरू हो गया है. कल्चरल और धार्मिक लोगों ने भी प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा. सुन्नी मौलाना मोलावी अब्दोलहामिद ने बताया कि देश में लिविंग ऑफ स्टैंडर्ड खराब है, जिस वजह से राजनीतिक गतिरोध विद्रोह बन गया है. उन्होंने कहा कि अब साझा दर्द सड़कों पर एक चीख में बदल गया है.
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