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Photograph: (AFP)
Iran Israel war 2026: मध्य पूर्व की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है, जहां ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव में अब अमेरिका की एंट्री ने आग में घी डालने का काम किया है. वहीं, ईरान ने इजरायल पर नए मिसाइल हमलों की धमकी दी है. जिसके जवाब में अमेरिका ने इजरायल को अतिरिक्त सैन्य सहायता का ऐलान कर दिया.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही सीमा पर झड़पें चल रही हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति की अपील कर रहा है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने एक बयान में कहा कि अगर इजरायल ने गाजा पट्टी में अपनी कार्रवाई जारी रखी तो तेहरान पूरे क्षेत्र को युद्धक्षेत्र बना देगा. दूसरी ओर इजरायल के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी समर्थन को 'अटूट दोस्ती' करार दिया और कहा कि यह कदम ईरान की आक्रामकता को रोकने के लिए जरूरी है.
West Asia conflict intensifies: Pro-Iran group attacks Erbil hotel, drones intercepted in Saudi, Israel strikes Hezbollah in Lebanon
— ANI Digital (@ani_digital) March 3, 2026
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क्या संघर्ष अब बड़े युद्ध की शक्ल ले रहा है?
अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि वे इजरायल को हाई क्वालिटी हथियार और इंटेलिजेंस सपोर्ट मुहैया करा रहे हैं लेकिन साथ ही डिप्लोमैटिक चैनलों से बातचीत की कोशिश भी जारी है. स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष अब बड़े युद्ध की शक्ल ले सकता है खासकर तब जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की नजरें टिकी हुई हैं. पिछले हफ्ते हुई एक गुप्त बैठक में अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को चेतावनी दी थी कि कोई भी आक्रामक कदम उठाने पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे. लेकिन ईरान ने इसे 'धमकी' बताते हुए खारिज कर दिया.
डर के साय में लोग, जल्द नहीं सुधरे हालत तो होगी ये 'तबाही'!
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने आपात बैठक बुलाई है जहां सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है. बता दें आम नागरिकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है जहां सीमा क्षेत्रों में लोग डर के साए में जी रहे हैं. वहीं, अगर जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा. फिलहाल दुनिया की नजरें इस त्रिकोणीय टकराव पर टिकी हुई हैं और उम्मीद है कि डिप्लोमेसी से मामला सुलझ जाएगा.
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