India-Iran Relation: सुलग रहा ईरान, अमेरिका से तनाव के बीच भारत की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें क्या होगा असर

India-Iran Relation: ईरान के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के लिए स्थिति चिंताजनक है.  ईरान में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत गिरने और बढ़ती महंगाई को लेकर लोग सरकार का विरोध कर रहे हैं.

India-Iran Relation: ईरान के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के लिए स्थिति चिंताजनक है.  ईरान में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत गिरने और बढ़ती महंगाई को लेकर लोग सरकार का विरोध कर रहे हैं.

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Mohit Saxena
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Khamenei's rule about to end

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई

India-Iran Relation: ईरान सुलग रहा है. यहां पर प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं. ये सरकारी भवनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अब तक इन हिंसक प्रदर्शनों में 116 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं कई घायल हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि मध्य-पूर्व के इस देश में अयातुल्ला अली खामेनेई की अगुवाई वाली सरकार को भारी विरोध झेलना पड़ रहा है. आपको बता दें कि ईरान में 28 दिसंबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत गिरने और बढ़ती महंगाई को लेकर लोग सरकार का विरोध कर रहे हैं. 

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सवाल ये है कि क्या ईरान में फैली आग की लपटें भारत को भी अपने चपेट में लेगी? क्या ईरान में इस अशांति से भारत में भी अस्थिरता दिखाई देगी. आपको बता दें कि भारत रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से ईरान से कनेक्टेड है. 

भारत के लिए क्या है चिंता की बात? 

ईरान की बिगड़ते हालात और अमेरिका में बढ़ते तनाव से भारत पर इसलिए असर हो रहा है क्योंकि उसने सेंट्रल एशिया, रूस और यूरोप तक अपनी पहुंच को बढ़ाने को लेकर कई तरह के प्रोजेक्ट्स पर भारी पैसे लगा रखे हैं. सबसे अहम ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर मौजूद चाबहार बंदरगाह है.यह एक ऐसी परियोजना है, जिस पर भारत ने लाखों डॉलर लगा रखे हैं. वहीं इस बंदरगाह के माध्यम से भारत पाकिस्तान को बाईपास करते हुए अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट के देशों में अपनी पहुंच बना पाता है. 

काफी अहम है चाबहार पोर्ट? 

चाबहार पोर्ट इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर की तरह है. यह सात हजार किलोमीटर से अधिक लंबा कॉरिडोर है. यहां पर जहाज, रेल और सड़क मार्गों का बड़ा नेटवर्क है. ये भारत को ईरान के साथ अफगानिस्तान, अजरबैजान, अर्मीनिया, रूस, मिडिल ईस्ट और यूरोप को जोड़ता है. यहां से  माल की ढुलाई में समय के साथ पैसों की भी बचत होती है. इसमें लागत कम आ जाती है. इस तरह से भारत का कारोबार कई देशों से बढ़ता है. 

भारत और ईरान के बीच कारोबार

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत और ईरान के बीच बड़े पैमाने पर कारोबार है. 2024-25 में यह करीब 1.68 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बताया गया. वहीं भारत ने 1.24 बिलियन डॉलर के सामान का एक्सपोर्ट होता है. वहीं इम्पोर्ट महज 0.44 बिलियन डॉलर का होता है. ईरान में अगर तनाव ज्यादा बढ़ा गया तो चाबहार बंदरगाह के बीच व्यापारिक गतिविधियां कम होने लगेंगी. इससे कारोबार पर काफी असर होगा. 

ईरान अब रेड लाइन क्रास कर रहा: ट्रंप  

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एक बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि ईरान अब रेड लाइन क्रास कर रहा है. हम इसे बहुत गंभीरता से देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर मिडिल ईस्ट में हमारे ऐसेट्स पर हमला किया तो तगड़ा जवाब मिलेगा. ऐसा बताया जा रहा है कि मंगलवार का दिन ईरान के लिए काफी अहम होने वाला है. ट्रंप आला अधिकारियों के संग बैठक में फैसला ले सकते हैं. खामनेई ने इस बीच एक ताबूत में कैद ट्रंप की फोटो शेयर किया है. इस दौरान खामनेई की सुरक्षा अभेद्य किले में तब्दील है.

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