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अमेरिका-इजरायल ने अब खुली जंग का ऐलान कर दिया है. अब तक दोनों ने मिलकर ईरान में भारी तबाही मचाई है. इस बीच ईरान का दावा है कि उसकी परमाणु साइट पर भी हमला किया गया है. IAEA (International Atomic Energy Agency) में ईरान ने इस मुद्दे को उठाया है. ईरानी राजदूत ने कहा कि रविवार को ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया गया है. ईरानी राजदूत से जब पूछा गया कि ईरान में किस न्यूक्लियर फैसिलिटी पर अटैक किया गया तो उन्होंने कहा कि नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर ये हमला किया गया है.
वहीं ईरान के खिलाफ US और इजरायली मिलिट्री हमले जारी रहने के बीच वियना में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की इमरजेंसी बैठक आरंभ हो गई है. IAEA ने इस हमले में रेडिएशन की चेतावनी दी है. उसने कहा कि कई बड़े शहरों को खाली कराना पड़ सकता है.
न्यूक्लियर हथियारों पर पूरी तरह से रोक लगाई
उन्होंने कहा कि ईरान की शांतिपूर्ण, सुरक्षित न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमले हुए हैं. ईरान न्यूक्लियर हथियार बनाना चाहता है, यह एक बड़ा झूठ है. उन्होंने हमारे सुप्रीम लीडर को शहीद कर दिया. वह अकेले मुस्लिम स्कॉलर थे, जिन्होंने न्यूक्लियर हथियारों पर पूरी तरह से रोक लगाई. उन्होंने कहा कि झूठ, धोखा और गलत जानकारी हमेशा से यूएस की फॉरेन पॉलिसी एक बुनियादी हथियार की तरह रहा है. इसे अमेरिका के बड़े पैमाने पर धोखे वाला हथियार कहा गया है.
हमले के लिए गलत जानकारी का उपयोग किया
रेजा नजाफी के अनुसार, उन्होंने दूसरे देशों पर हमला करने के लिए धोखे और गलत जानकारी का उपयोग किया. यह जंग US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू की थी, जो खुद को शांति का दूत दिखाने का प्रयास करते हैं. नोबेल पीस प्राइज की डिमांड करते है. जब वह शांति की बात करते हैं, तब भी वह झूठ बोल रहे होते हैं. अगर वे डिप्लोमेसी की बात करते है तो मात्र धोखा है.
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