क्यों कुवैत पर जमकर मिसाइल हमले कर रहा ईरान? दो अमेरिकी फाइटर जेट गिराने का किया दावा

अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में ईरान से निपटने को लेकर 50 से अधिक फाइटर जेट को तैनात किया है. वहीं दूसरी ओर ईरान ड्रोन के जरिए जंग लड़ रहा है.

अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में ईरान से निपटने को लेकर 50 से अधिक फाइटर जेट को तैनात किया है. वहीं दूसरी ओर ईरान ड्रोन के जरिए जंग लड़ रहा है.

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Mohit Saxena
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A multinational exercise at the Ovda Air Base in southern Israel

युद्ध के दूसरे दिन ईरान ने कुवैत पर जमकर हमला किया. ईरान का दावा है कि कुवैत में अमेरिका के 3 एफ-15 फाइटर जेट को मार गिराया है. इसकी कीमत करीब 97 मिलियन डॉलर (करीब 813 करोड़ रुपए) बताई गई है. हालांकि कुवैत का कहना है कि उसके रडार सिस्टम एक्टिव होने के बाद गलती से इन विमानों पर अटैक किया गया है. इनके घायल पायलटों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

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आपको बता दें सोमवार को ईरानी हमले को रोकने के लिए अमेरिका ने एफ-15 ई को सक्रिय किया था. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में ईरान से निपटने को लेकर 50 से अधिक फाइटर जेट को तैनात किया है. वहीं दूसरी ओर ईरान ड्रोन के जरिए जंग लड़ रहा है.

आखिर क्यों कुवैत में भारी हमले कर रहा ईरान? 

ईरान के हमलों का लक्ष्य अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. यह खाड़ी देशों में मौजूद हैं. कुवैत, सऊदी अरब, UAE और बहरीन जैसे देश अमेरिकी सहयोगी हैं. जिसे ईरान अपने लिए खतरा मानता है. अमेरिका ने कुवैत में काफी निवेश किया है. यहां पर उसने सैन्य और सुरक्षा के क्षेत्र में निवेश किया है. कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं. इनमें अल उदेह एयरबेस और अली अल सलेम एयरबेस हैं. इन ठिकानों पर अमेरिकी  वायु सेना और अन्य सैन्य इकाइयां मौजूद हैं. अमेरिका ने कुवैत में अपने सैन्य ठिकानों को लेकर करीब 291 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. 

खाड़ी देशों में अमेरिकी के अहम सैन्य ठिकाने

तकलीफा बिन जायद एयरबेस (UAE): यह अमेरिकी वायु सेना के लिए एक प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां F-35 लड़ाकू विमान और MQ-9 रीपर ड्रोन्स को तैनात किया हैं.
अल उदेह एयरबेस (कुवैत): यह अमेरिकी वायु सेना के लिए एक अहम बेस है. यहां पर F-15 लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य उपकरण तैनात हैं.
अल धफरा एयरबेस (UAE): यह अमेरिकी वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण ठिकाना है. यहां पर RQ-4 ग्लोबल हॉक ड्रोन्स को तैनात किया हैं.
बहरीन नेवल सपोर्ट एक्टिविटी: यह अमेरिकी नौसेना से जुड़ा बड़ा ठिकाना है. यहां अमेरिकी पांचवें फ्लीट का मुख्यालय है.

इन ठिकानों का महत्व 

मध्य पूर्व में अमेरिकी हितों की रक्षा को लेकर ये ठिकाने काफी अहम हैं. ये क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में सहायत करते हैं. ये ठिकाने ईरान पर दबाव डालने और उसकी सैन्य गतिविधियों को रोकने को मददगार हैं. इसके साथ ये ठिकाने अमेरिकी सैन्य अभियानों को समर्थन भी देते हैं. खासतौर पर आतंकवाद को रोकने में अहम योगदान देते हैं.  

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