सूडान में बड़ी हिंसा, RSF ने विस्थापितों को ले जा रहे वाहन पर किया हमला; 24 लोगों की मौत

मध्य सूडान में रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के हमले में विस्थापितों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी हुई, जिसमें बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए. डॉक्टर्स ग्रुप सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इस हमले और मौतों की जानकारी दी है.

मध्य सूडान में रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के हमले में विस्थापितों को ले जा रहे वाहन पर गोलीबारी हुई, जिसमें बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए. डॉक्टर्स ग्रुप सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इस हमले और मौतों की जानकारी दी है.

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Deepak Kumar
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Photograph: (AP)

सूडान के विवादित पैरामिलिट्री समूह रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) ने मध्य सूडान के उत्तर कोर्डोफान प्रांत के पास एक विनाशकारी हमले को अंजाम दिया है. यह हमला शनिवार (7 फरवरी) को उन लोगों को ले जा रहे एक वाहन पर हुआ, जो अपनी जान बचाकर हिंसा वाले इलाकों से भाग रहे थे. इस हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है और इनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं. डॉक्टर्स ग्रुप सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इस हमले और मौतों की जानकारी दी है.

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घटना के बारे में जानकारी

घटना उत्तर कोर्डोफान के रहाद शहर के दक्षिण में हुई. बताया गया है कि यह वाहन दुबेइकर इलाके से भागकर सुरक्षित स्थान की ओर जा रहा था. उस वाहन में भारी संख्या में महिलाएं, बच्चे और अन्य नागरिक सवार थे, जो लगातार जारी संघर्ष से खुद को बचा रहे थे. डॉक्टर्स नेटवर्क के बयान में कहा गया है कि बच्चों में दो शिशु भी शामिल थे, जो मारे गए. इस गंभीर हमले ने सूडान में जारी मानवीय संकट की भयावहता को फिर उजागर किया है.

मानव अधिकार संगठनों से अपील

सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और जो भी ऐसे अपराध कर रहे हैं, विशेषकर RSF के नेतृत्व को सीधे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. अभी तक RSF की ओर से इस घटना पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है.

तीन साल से जारी युद्ध और मानवीय संकट

गौरतलब है कि सूडान में संघर्ष अप्रैल 2023 में बढ़ गया था जब राजधानी खार्तूम सहित देश के कई हिस्सों में सैनिक और RSF के बीच सत्ता के लिए मुकाबला खुली लड़ाई में बदल गया. संयुक्त राष्ट्र और सहायता समूहों की मानें तो अब तक 40,000 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. इस युद्ध ने सूडान में सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा कर दिया है. तकरीबन 1.4 करोड़ लोग विस्थापित हो चुके हैं, महामारी और अकाल जैसी स्थिति फैल चुकी है, और लोगों को हर तरफ भय, भूख और बीमारी का सामना करना पड़ रहा है.

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