SCO शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी और यूक्रेन के प्रेसिडेंट ज़ेलेंस्की की अहम बातचीत, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से फ़ोन पर बात की। इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध, मानवीय संकट और शांति बहाली के प्रयासों पर चर्चा हुई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से फ़ोन पर बात की। इस बातचीत में यूक्रेन युद्ध, मानवीय संकट और शांति बहाली के प्रयासों पर चर्चा हुई.

author-image
Ravi Prashant
एडिट
New Update
pm modi and zelensky

PM Modi and President Zelensky Photograph: (SM)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से फोन पर बातचीत की. इस वार्ता में यूक्रेन युद्ध, मानवीय संकट और शांति बहाली के प्रयासों पर चर्चा हुई. बातचीत के बाद ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत रूस और अन्य नेताओं तक उचित संदेश पहुंचाने के लिए तैयार है, खासकर चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से पहले.

पीएम पहुंच गए चीन

Advertisment

मोदी इस शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन, चीन पहुंच गए हैं, जहां उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने की संभावना है. यह मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति और व्यापार युद्ध की पृष्ठभूमि में खास मायने रखती है. 

हर संभव प्रयास का समर्थन

प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद कहा कि उन्होंने ज़ेलेंस्की के साथ संघर्ष की स्थिति और शांति बहाली के प्रयासों पर विचार साझा किए. भारत हर संभव प्रयास का समर्थन करता है जो स्थिरता और शांति की दिशा में हो. वहीं, ज़ेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने मोदी को ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के साथ अपनी हालिया चर्चाओं की जानकारी दी. उन्होंने यह भी दोहराया कि यूक्रेन पुतिन से बातचीत के लिए तैयार है.

भारत का इस दिशा में भूमिका अहम

ज़ेलेंस्की ने कहा कि इस युद्ध को खत्म करने की शुरुआत तत्काल युद्धविराम और मौन से होनी चाहिए, और भारत इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है. उनके अनुसार, SCO शिखर सम्मेलन से पहले भारत का रुख बेहद अहम होगा.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट? 

एक्सपर्ट मानते हैं कि पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात एक तरह से अमेरिकी दबाव का जवाब है. ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% टैरिफ लगाए हैं, चीन को रेयर-अर्थ निर्यात पर 200% टैरिफ की धमकी दी है, जबकि रूस पहले से ही कड़े प्रतिबंध झेल रहा है. अमेरिका का तर्क है कि इन कदमों से रूस को शांति वार्ता के लिए मजबूर किया जाएगा. 

आख़िरी बार मई में मिले थी पीएम और ज़ेलेंस्की 

मोदी और ज़ेलेंस्की ने द्विपक्षीय साझेदारी, संयुक्त अंतर-सरकारी आयोग की बैठक और भविष्य की यात्राओं पर भी चर्चा की. यह इस महीने दोनों नेताओं की दूसरी बातचीत है. इससे पहले 11 अगस्त को भी मोदी ने शांति बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया था. पिछले साल अगस्त में मोदी ने ज़ेलेंस्की को भारत आने का निमंत्रण दिया था. दोनों नेता आख़िरी बार मई 2023 में हिरोशिमा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे, जहां मोदी ने युद्ध को मानवता का मुद्दा बताया था. 

ये भी पढ़ें- मेलोनी की फर्जी फोटोज पोर्न वेबसाइट पर मिलीं, उनकी बहन की फोटो भी दिखी, भड़कीं प्रधानमंत्री

India Ukraine nuclear Volodymyr Zelensky prime minister modi Shanghai Cooperation Organization SCO
Advertisment