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आइसीई ऑफिसर वायरल वीडियो Photograph: (X/@restoreorderusa)
अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों को लेकर एक ऐसा बदलाव हुआ है जिसने सालों से चली आ रही कानूनी समझ को पूरी तरह बदल दिया है. अब इमिग्रेशन अधिकारी (ICE) बिना किसी जज के वारंट के भी लोगों के घरों में घुसकर उन्हें गिरफ्तार कर सकेंगे.
क्या है नया नियम?
अभी तक अमेरिका में यह माना जाता था कि अगर आपके दरवाजे पर इमिग्रेशन अधिकारी आए हैं, तो जब तक उनके पास जज द्वारा साइन किया हुआ वारंट न हो, आप दरवाजा खोलने के लिए मजबूर नहीं हैं. यह अधिकार अमेरिकी संविधान के चौथे संशोधन (Fourth Amendment) के तहत मिलता था.
लेकिन, अब एक नए इंटरनल मेमो के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ 'फाइनल रिमूवल ऑर्डर' (देश निकाला का अंतिम आदेश) है, तो अधिकारी प्रशासनिक वारंट के आधार पर भी जबरन घर में घुस सकते हैं.
कैसे होगी गिरफ्तारी?
इस नए बदलाव के बाद अधिकारियों को अब घंटों घर के बाहर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, मेमो में कुछ शर्तें भी रखी गई हैं. अधिकारियों को दरवाजा खटखटाना होगा.
उन्हें अपनी पहचान बतानी होगी. कार्रवाई सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ही की जा सकती है.
जमीन पर दिखने लगा असर
यह नियम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है. मिनियापोलिस में ऐसी घटनाएं देखी गई हैं जहां ICE एजेंट भारी हथियारों और टैक्टिकल गियर के साथ लोगों के घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर घुसे. प्रवासियों के बीच सालों से चली आ रही 'Know Your Rights' (अपने अधिकारों को जानो) की सलाह अब बेअसर होती दिख रही है.
क्यों बढ़ रहा है विवाद?
इस फैसले का कड़ा विरोध शुरू हो गया है. कई नेताओं और कानूनी जानकारों का कहना है कि जिन राज्यों में 'स्टैंड-योर-ग्राउंड' (आत्मरक्षा में हथियार चलाने का हक) जैसे कानून हैं, वहां अधिकारियों और मकान मालिकों के बीच हिंसक झड़प हो सकती है. अगर अधिकारी गलती से किसी गलत पते पर छापा मारते हैं, तो अमेरिकी नागरिक भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.
जानकारों का मानना है कि यह नीति लोगों के अपने घर में सुरक्षित महसूस करने के हक को छीन रही है.
डमोक्रेट्स उठा रहे हैं सवाल
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं और कांग्रेस में सुनवाई की मांग की है. वहीं, इमिग्रेशन को लेकर सख्त रुख रखने वाले अधिकारियों का कहना है कि पुरानी सलाह केवल लोगों को गिरफ्तारी से बचने की ट्रेनिंग दे रही थी, जिसे रोकना जरूरी था.
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