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US-Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे वक्त से तनाव है. दोनों के बीच में टकराव की आशंका बनी हुई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को तेहरान में एक विशेष अंडरग्राउंड शेल्टर में शिफ्ट किया गया है. सूत्रों की मानें तो वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों ने अमेरिका के हमले की आशंका है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है. इस बीच, अपने एक बेटे को खामेनेई ने कार्यकारी कमान सौंप दी है.
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ये अंडरग्राउंड सुविधा एक अत्यधिक सुरक्षित और मजबूत ठिकाना है. इसमें आपस में जुड़े कई सुरंगनुमा रास्ते हैं. दावा है कि खामेनेई फिलहाल सुप्रीम लीडर के कार्यलय के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वहीं, सरकार की कार्यकारी शाखाओं के साथ मुख्य संपर्क का माध्यम बने हुए हैं.
हिंद महासागर में अमेरिका ने की तैनाती
इस बीच, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट की ओर अपनी सैन्य तैनाती और तेज कर दी है. अमेरिका की नौसेना का USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group फिलहाल हिंद महासागर में मौजूद है. इसके आने वाले दिनों में अरब सागर या फारस की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है. स्ट्राइक ग्रुप में USS Spruance, USS Frank E. Petersen Jr. और USS Michael Murphy जैसे गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर भी शामिल हैं.
कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में F/A-18E सुपर हॉर्नेट विमानों और F-35C स्टील्थ फाइटर जेट्स को तैनात किया गया है. अमेरिका ने F-15E Strike Eagles भी तैनात है. साथ ही ब्रिटेन ने Typhoon फाइटर जेट भी इलाके में भेजा है.
ट्रंप ने क्यों भेजा युद्धपोत?
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ये एहतियाती कदम है. ट्रंप इस तैनाती से ईरान को आगे किसी भी तरह के उकसावे से रोक रहे हैं. बता दें, ट्रंप ने हाल में कहा था कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत है.
ईरान ने भी अमेरिका को दी है चेतावनी
मामले में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है. ईरानी अधिकारियों ने साफ कह दिया है कि किसी भी प्रकार का सैन्य हमला फिर चाहे वह सीमित ही क्यों न हो, उसे 'ऑल-आउट वॉर' ही माना जाएगा. बता दें, ईरान ने इसी के साथ अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है.
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