रोबोट बनाएगा घर! मंगल से पहले चांद पर शहर बसाने का प्लान बना रहे Elon Musk, जानिए क्या है वजह

चांद पर शहर बसने जा रहा है. पहले वहां रोबोट भेजा जाएगा फिर आगे चलकर घर बनेंगे और धरती की तरह वहां भी दुनिया बसेगी. सब कुछ 10 साल में शुरू हो जाएगा. इसी तरह का प्लान एलन मस्क ने मंगल के लिए किया था फिर मार्स सिटी के प्लान में अड़चन क्या आई?

चांद पर शहर बसने जा रहा है. पहले वहां रोबोट भेजा जाएगा फिर आगे चलकर घर बनेंगे और धरती की तरह वहां भी दुनिया बसेगी. सब कुछ 10 साल में शुरू हो जाएगा. इसी तरह का प्लान एलन मस्क ने मंगल के लिए किया था फिर मार्स सिटी के प्लान में अड़चन क्या आई?

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Akansha Thakur
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Elon Musk moon city

Elon Musk moon city

Elon Musk Moon City: स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क लंबे समय से मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने की बात करते रहे हैं. लेकिन अब उनका फोकस पहले चांद पर शहर बसाने पर है. मस्क का मानना है कि चांद पर पहुंचना मंगल की तुलना में कहीं ज्यादा आसान है क्योंकि दूरी कम है और समय भी कम लगता है. ऐसे में तकनीक को टेस्ट करने के लिए चांद बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर एलन मस्क ऐसा क्यों करना चाहते हैं और इसके पीछे की वजह क्या है? चलिए विस्तार से बताते हैं आपको. 

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चांद पर घर बनाएंगे रोबोट 

मस्क के प्लान के मुताबिक, शुरुआत में इंसान नहीं बल्कि रोबोट चांद पर घर बनाएंगे. एडवांस मशीनें और ऑटोमेटेड सिस्टम वहां स्ट्रक्चर तैयार करेंगे. ये रोबोट स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं. जैसे चांद की मिट्टी से ईंट जैसे ब्लॉक बनाना. इससे पृथ्वी से सामान ले जाने की जरूरत कम होगी.

चांद पर सिटी क्यों बसाना चाहते हैं Elon Musk? 

मस्क का कहना है कि चांद भविष्य के डीप स्पेस मिशन के लिए लॉन्च पैड बन सकता है. यहां बेस बनाकर मंगल और उससे आगे की यात्रा आसान होगी. चांद पर गुरुत्वाकर्षण कम है. इसलिए वहां से रॉकेट लॉन्च करना सस्ता और आसान हो सकता है. इसके अलावा चांद पर रिसर्च सेंटर और माइनिंग प्रोजेक्ट भी शुरू किए जा सकते हैं. वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने की तैयारी का मौका मिलेगा.

मंगल पर शहर बसाने में लगेंगे 20 साल से ज्यादा

मस्क का अनुमान है कि मंगल पर पूरी तरह से बसने लायक शहर बनाने में 20 साल से अधिक समय लग सकता है. वहां का वातावरण कठिन है. तापमान बेहद कम है. सांस लेने लायक हवा नहीं है. इसलिए पहले चांद पर तकनीक और सिस्टम को परखा जाएगा.

स्पेस रेस में आगे निकलने की रणनीति

दुनिया के कई देश और निजी कंपनियां चांद मिशन पर काम कर रही हैं. ऐसे में मस्क भी इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहते. उनका विजन है कि मानवता को मल्टी-प्लैनेटरी स्पीशीज बनाया जाए. चांद पर सिटी बसाने का सपना अभी शुरुआती चरण में है. लेकिन अगर यह सफल होता है तो अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ सकता है.

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