'ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे', हमले के बाद आया डोनाल्ड ट्रंप का बयान

Israel Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा. इजराइल के हमले के बाद ट्रंप ने ईरान पर पुराने हमलों और खतरों का जिक्र करते हुए सख्त रुख दिखाया.

Israel Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा. इजराइल के हमले के बाद ट्रंप ने ईरान पर पुराने हमलों और खतरों का जिक्र करते हुए सख्त रुख दिखाया.

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Yashodhan Sharma
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Israel Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वह ईरान को किसी भी हाल में परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे. इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद ट्रंप का यह बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले अमेरिका की सेना ने ईरान में बड़े स्तर पर सैन्य अभियान शुरू किया है.

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ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद ईरानी शासन से पैदा हो रहे खतरों को खत्म करना और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उनके मुताबिक, ईरान की सरकार लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान की गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिकी सैनिकों, विदेशों में मौजूद सैन्य ठिकानों और दुनिया भर में अमेरिका के सहयोगी देशों को प्रभावित कर रही हैं.

ट्रंप ने ईरान पर कई पुराने हमलों का किया जिक्र

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर कई पुराने हमलों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले 47 सालों से ईरान में “अमेरिका मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए जाते रहे हैं. ट्रंप ने 1979 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर कब्जे की घटना का उल्लेख किया, जब दर्जनों अमेरिकी नागरिकों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था.

बैरक बम धमाका भी दिलाया याद

डोनाल्ड ट्रंप ने 1983 में लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए मरीन बैरक बम धमाके का भी जिक्र किया, जिसमें 241 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी. इसके अलावा साल 2000 में अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस कोल पर हुए हमले का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस हमले में भी ईरान समर्थकों की भूमिका मानी जाती है. इस हमले में कई अमेरिकी मारे गए थे.

अमेरिका अपनी सुरक्षा से नहीं करेगा कोई समझौता

ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि इराक युद्ध के दौरान ईरानी सेना और उसके समर्थकों की वजह से सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों की जान गई. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाएगा. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. ट्रंप के इस बयान से साफ है कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में और खटास आ सकती है.

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