बांग्लादेश गंभीर संकट में, लोकतंत्र खतरे में, शेख हसीना का बड़ा बयान

Bangladesh News: शेख हसीना ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. राजधानी से लेकर गांवों तक लूटपाट, हिंसा और डर का माहौल है. शिक्षा संस्थान प्रभावित हैं.

Bangladesh News: शेख हसीना ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. राजधानी से लेकर गांवों तक लूटपाट, हिंसा और डर का माहौल है. शिक्षा संस्थान प्रभावित हैं.

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Yashodhan Sharma
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Sheikh Hasina

Bangladesh News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक भावुक और कड़ा बयान जारी करते हुए देश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपने इतिहास के सबसे खराब और खून-खराबे से भरे दौर से गुजर रहा है. अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने 'बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम' से की और कहा कि आज देश एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है.

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क्या हैं आरोप

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश को उग्रवादी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी साजिशों ने बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि जो देश कभी शांत और समृद्ध था, वह अब हिंसा, डर और अराजकता का शिकार बन चुका है. उनका दावा है कि पूरे देश में लोगों की जान-माल सुरक्षित नहीं है और हर तरफ डर का माहौल है.

पूर्व पीएम को बताया 'खूनी फासीवादी'

पूर्व पीएम ने मुहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें 'खूनी फासीवादी' बताया. हसीना के मुताबिक, 5 अगस्त 2024 को एक साजिश के तहत उन्हें सत्ता से हटाया गया और इसके बाद से देश में लोकतंत्र लगभग खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेश में मानवाधिकार कुचले जा रहे हैं, प्रेस की आजादी पर रोक है और महिलाओं व धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ गई है.

चरमरा गई है कानून-व्यवस्था  

शेख हसीना ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. राजधानी से लेकर गांवों तक लूटपाट, हिंसा और डर का माहौल है. शिक्षा संस्थान प्रभावित हैं और न्याय व्यवस्था पर से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की जमीन और संसाधन विदेशी ताकतों को सौंपने की साजिश हो रही है.

देशवासियों से की एकजुट होने की अपील

अपने बयान में हसीना ने देशवासियों से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि आवामी लीग लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी. साथ ही पार्टी ने पांच अहम मांगें रखीं, जिनमें यूनुस सरकार को हटाने, हिंसा रोकने, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक बदले की कार्रवाई खत्म करने और संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जांच कराने की मांग शामिल है. अंत में शेख हसीना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा है और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष जारी रहेगा.

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