US-Iran Tension: अमेरिका से तनाव के बीच ईरान में अब तक 2000 लोगों की मौत, अब्बास अराघची ने ट्रंप को फिर किया चैलेंज

US-Iran Tension: ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक से गुजर रहा है. देश में चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक ईरानी अधिकारी ने बड़ा दावा किया है.

US-Iran Tension: ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक से गुजर रहा है. देश में चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक ईरानी अधिकारी ने बड़ा दावा किया है.

author-image
Dheeraj Sharma
New Update
Trump Khamenei

US-Iran Tension: ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक से गुजर रहा है. देश में चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक ईरानी अधिकारी ने बड़ा दावा किया है. एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि मौजूदा आंदोलन के दौरान अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरानी सरकार का आरोप है कि इन मौतों के पीछे 'आतंकवादी तत्व' जिम्मेदार हैं, जो हालात को हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

Advertisment

अमेरिका को ईरान की सख्त चेतावनी

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान अब किसी भी तरह के दबाव या सैन्य कार्रवाई का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. अराघची ने दो टूक कहा, 'अगर वे फिर से सैन्य विकल्प आजमाना चाहते हैं, जिसे वे पहले भी आजमा चुके हैं, तो इस बार ईरान उसका पूरी ताकत से जवाब देगा.' उनके बयान से साफ है कि तेहरान अब किसी भी संभावित टकराव के लिए खुद को तैयार मान रहा है.

ईरानी दूतावास का बयान: 'हम अपने शत्रुओं को पहचानते हैं'

भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी अमेरिका और अन्य विरोधी ताकतों को कड़ा संदेश दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में दूतावास ने कहा कि सरकार समर्थक प्रदर्शनों ने विदेशी शत्रुओं की साजिशों को नाकाम कर दिया है.

बयान में कहा गया, 'ईरानी राष्ट्र मजबूत, शक्तिशाली और अपने दुश्मनों से भलीभांति परिचित है. अमेरिकी राजनेताओं को छल-कपट और भाड़े के हत्यारों पर भरोसा करना बंद करना चाहिए.'यह बयान ईरान की आक्रामक कूटनीतिक भाषा और आत्मविश्वास को दर्शाता है.

दिसंबर 2025 से जारी आंदोलन

ईरान में यह आंदोलन दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुआ था. शुरुआत में यह प्रदर्शन सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों के विरोध तक सीमित थे, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन इस्लामिक गणराज्य और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल गया. 

प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह मुर्दाबाद', 'खामेनेई हटाओ' जैसे नारे लगा रहे हैं. इसके साथ ही निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की वापसी की मांग भी जोर पकड़ रही है.

बढ़ता टकराव, अनिश्चित भविष्य

ईरान में बढ़ती हिंसा, हजारों मौतों के दावे और अमेरिका को दी गई खुली चेतावनियों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है. एक ओर सरकार आंदोलन को विदेशी साजिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी इसे बदलाव की लड़ाई करार दे रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान-अमेरिका तनाव एक बार फिर तेज होता दिख रहा है, जिससे आने वाले समय में पश्चिम एशिया की राजनीति और अधिक अस्थिर हो सकती है.

यह भी पढ़ें - Iran Protest: इरफान सुल्तानी को कल फांसी देगी ईरानी सरकार, ईश्वर के खिलाफ हिंसा छेड़ने का आरोप; जानें इनके बारे में

World
Advertisment