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Khamenei Addressed to Nation: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरानवासियों को संबोधित किया है. यही नहीं उन्होंने इस दौरान अमेरिका और ट्रंप को लेकर भी बड़ी बात कही है. राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में खामेनेई ने न सिर्फ ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाए, बल्कि उनके 'पतन' की भविष्यवाणी भी की. यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान आंतरिक असंतोष और अंतरराष्ट्रीय दबाव दोनों का सामना कर रहा है.
ट्रंप की तुलना तानाशाहों से
ईरान की सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित भाषण में खामेनेई ने ट्रंप की तुलना इतिहास के उन शासकों से की, जिनका अंत सत्ता के शिखर पर पहुंचने के बाद हुआ. उन्होंने फिरौन, निमरूद, रजा शाह और मोहम्मद रजा शाह का उदाहरण देते हुए कहा कि घमंड और अत्याचार का अंजाम हमेशा पतन ही होता है. खामेनेई के अनुसार, ट्रंप को भी यह सच्चाई समझनी चाहिए कि कोई भी ताकत स्थायी नहीं होती.
🇮🇷 Khamenei on Trump:
— SilencedSirs◼️ (@SilentlySirs) January 9, 2026
“He openly admitted he gave the order and led the war…
Let it be known: his hands are stained with the blood of over 1,000 Iranians leaders, scientists, and ordinary people.”
And yet, he claims to “love the Iranian nation.”
The real problem isn’t what he… pic.twitter.com/4pl10p1zMY
आंदोलनों को बताया विदेशी प्रभाव का नतीजा
खामेनेई ने ईरान में चल रहे प्रदर्शनों को पूरी तरह घरेलू असंतोष मानने से इनकार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी नेताओं, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं. उनके मुताबिक, ये प्रदर्शन ईरान की संप्रभुता और इस्लामिक व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा हैं.
इस्लामिक रिपब्लिक की सख्त चेतावनी
सर्वोच्च नेता ने साफ शब्दों में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी तरह की अशांति के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ईरानी व्यवस्था 'सैकड़ों हजार सम्मानित लोगों के खून' की कुर्बानी से अस्तित्व में आई है. खामेनेई ने चेतावनी दी कि तोड़फोड़ और हिंसा करने वालों के सामने सरकार पीछे हटने वाली नहीं है.
अमेरिका की आंतरिक समस्याओं पर तंज
खामेनेई ने अमेरिका की स्थिति पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अपने देश को चलाना नहीं आता, वे दूसरों के मामलों में दखल देते हैं. उनके अनुसार, अमेरिका खुद गंभीर आंतरिक समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन ध्यान भटकाने के लिए वह ईरान जैसे देशों को निशाना बनाता है.
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