/newsnation/media/media_files/2026/02/16/denmark-news-2026-02-16-09-42-06.jpg)
Photograph: (Museum Midtjylland)
डेनमार्क के मध्य क्षेत्र में पुरातत्वविदों ने खुदाई के दौरान करीब 2,000 साल पुराना एक मंदिर और किलेबंदी वाली बस्ती खोजी है. यह महत्वपूर्ण खोज म्यूजियम मिड्टजिलैंड की रिसर्च टीम ने की है और इसे हाल के दशकों की सबसे बड़ी पुरातात्विक खोजों में से एक माना जा रहा है.
किलेबंद बस्ती और लौह युग का कब्रिस्तान भी मिला
यह खोज हेडेगार्ड नाम की जगह पर हुई है, जो स्कजर्न नदी के पास एक पहाड़ी पर स्थित है. यहां स्कैंडिनेविया का सबसे बड़ा लौह युग का कब्रिस्तान भी मिला है. माना जाता है कि यह जगह ईसा मसीह के जन्म के आसपास के समय में डेनमार्क की सबसे बड़ी बस्तियों में से एक थी. इस बस्ती का क्षेत्रफल लगभग 4 हेक्टेयर था और यह मजबूत बाड़ और दीवारों से घिरी हुई थी.
खुदाई में मिली मंदिर की जानकारी
आपको बता दें कि खुदाई में मिला मंदिर आयताकार आकार का है, जिसकी लंबाई 15 मीटर और चौड़ाई 16 मीटर है. मंदिर के चारों ओर खाई और लकड़ी के खंभे मिले हैं, जो इसकी सुरक्षा और विशेष महत्व को दर्शाते हैं. मंदिर के अंदर एक बड़ा अग्निकुंड भी मिला है, जिसे सुंदर नक्काशी से सजाया गया था. इससे साफ होता है कि यह मंदिर धार्मिक पूजा और अनुष्ठानों के लिए इस्तेमाल किया जाता था.
रोमन साम्राज्य से जुड़े सबूत
पुरातत्वविदों का मानना है कि इस बस्ती की किलेबंदी रोमन साम्राज्य के बढ़ते प्रभाव और सैन्य दबाव के कारण बनाई गई होगी. इस खोज से यह भी पता चलता है कि उस समय उत्तरी यूरोप के लोग अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े थे. यह खोज प्राचीन यूरोप की धार्मिक परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था और व्यापारिक संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण साबित होगी.
यह भी पढ़ें- 'कीव की हवाई सुरक्षा हमारी प्रमुख प्राथमिकता', म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के बाद बोले यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us