ईरान में गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में अब तक 165 की मौत, इजराइल ने झाड़ा पल्ला, जांच कर रही अमेरिकी सेना

ईरान के दक्षिण में गर्ल्स स्कूल पर हमले में 165 लोगों की मौत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. इजरायली सेना ने कहा कि उसे उस क्षेत्र में किसी भी हमले की जानकारी नहीं है, और अमेरिकी सेना ने कहा कि वह रिपोर्टों की जांच कर रही है.

ईरान के दक्षिण में गर्ल्स स्कूल पर हमले में 165 लोगों की मौत के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. इजरायली सेना ने कहा कि उसे उस क्षेत्र में किसी भी हमले की जानकारी नहीं है, और अमेरिकी सेना ने कहा कि वह रिपोर्टों की जांच कर रही है.

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Deepak Kumar
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Photograph: (AFP)

ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक गर्ल्स स्कूल पर हुए भीषण हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है. सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले में 96 लोग घायल भी हुए हैं. सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ ने एक स्थानीय अभियोजक के हवाले से यह जानकारी दी. हालांकि इजराइली सेना ने कहा है कि उसे इस इलाके में किसी हमले की जानकारी नहीं है, जबकि अमेरिकी सेना ने रिपोर्ट की जांच करने की बात कही है.

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खामेनेई की हत्या के बाद बढ़ा युद्ध का खतरा

इस घटना के बीच ईरान ने इजराइल और अमेरिका पर अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का आरोप लगाया है. ईरान ने रविवार (1 मार्च) को बदला लेने का संकल्प लिया और जवाबी कार्रवाई में अमेरिका के खाड़ी देशों में मौजूद ठिकानों तथा इजराइल पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की. इसके जवाब में अमेरिका और इजराइल ने भी बमबारी जारी रखी.

ईरान में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत

ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का बड़ा गुबार उठता देखा गया, खासकर उन इलाकों में जहां सरकारी इमारतें हैं. ईरानी अधिकारियों का दावा है कि संयुक्त हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

इजरायल-अमेरिका में मृतकों की संख्या

इजराइल के तेल अवीव और बेत शेमेश जैसे शहरों में भी मिसाइल हमलों की आवाजें सुनी गईं. बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोगों की मौत और 28 लोग घायल हुए. इजराइल में कुल मृतकों की संख्या 10 बताई गई है.

अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि अभियान शुरू होने के बाद उसके तीन सैनिक मारे गए और पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि नई नेतृत्व परिषद काम शुरू कर चुकी है और जल्द ही नए सर्वोच्च नेता का चयन होगा. इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में लंबे और बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई है, जिससे पूरे मध्य एशिया की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है.

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