बेड के नीचे से निकली बच्ची, आखिर क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई

गुवाहाटी के पंजाबारी इलाके में जिला श्रम कार्य बल ने पुलिस और स्वयंसेवी संस्था के साथ संयुक्त अभियान में 12 वर्षीय बच्ची को बाल श्रम से मुक्त कराया. बच्ची छह वर्षों से घरेलू काम में लगी थी. आरोपी नियोक्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

गुवाहाटी के पंजाबारी इलाके में जिला श्रम कार्य बल ने पुलिस और स्वयंसेवी संस्था के साथ संयुक्त अभियान में 12 वर्षीय बच्ची को बाल श्रम से मुक्त कराया. बच्ची छह वर्षों से घरेलू काम में लगी थी. आरोपी नियोक्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

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Ravi Prashant
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वायरल वीडियो Photograph: (X/@MeghUpdates)

असम की राजधानी Guwahati के Panjabari इलाके में रविवार रात बाल श्रम के खिलाफ एक अहम कार्रवाई की गई. जिला श्रम कार्य बल, District Labour Task Force ने Assam Centre for Rural Development और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर 12 वर्षीय बच्ची को रेस्क्यू किया. यह अभियान अवैध रूप से एक नाबालिग को घरेलू काम में लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद शुरू किया गया था.

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छह वर्षों से घरेलू काम में लगी थी बच्ची

अधिकारियों के अनुसार बच्ची पिछले छह वर्षों से घरेलू मदद के रूप में काम कर रही थी. रेस्क्यू के समय उसकी शारीरिक और मानसिक हालत बेहद खराब पाई गई. शरीर पर चोटों और घावों के निशान लंबे समय से उपेक्षा और कथित उत्पीड़न की ओर इशारा करते हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि बच्ची को उचित भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा गया था.

तलाशी के दौरान चौंकाने वाला खुलासा

अभियान के दौरान नियोक्ताओं ने पहले घर में किसी नाबालिग की मौजूदगी से इनकार किया और अधिकारियों के साथ सहयोग करने से मना कर दिया. हालांकि टीम ने संदेह के आधार पर घर की गहन तलाशी ली. तलाशी के दौरान बच्ची को बिस्तर के नीचे एक बॉक्स में छिपाकर रखा गया पाया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयास जांच से बचने और बच्ची को अधिकारियों की नजरों से दूर रखने के लिए किया गया था.

आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई

जिला श्रम कार्य बल के एक अधिकारी ने बताया कि नियोक्ताओं की पहचान अमरीन अख्तर लश्कर और बहारुल हक लश्कर के रूप में हुई है. मामले में Dispur Police Station ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बच्ची को कब और किन परिस्थितियों में Silchar से लाया गया था.

बच्ची को संरक्षण और पुनर्वास

रेस्क्यू के बाद बच्ची को तुरंत संरक्षण में लिया गया. उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि बच्ची को पुनर्वास सहायता, शिक्षा और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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