Power of IRGC: ईरान में खामेनेई के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है. ये कोई पहला मौका नहीं है जब ईरान में खामेनेई के खिलाफ बगावत हुई हो, बावजूद इसके उनकी सत्ता पर आंच तक नहीं आई. आइए जानते हैं कैसे?
Power of IRGC: ईरान में इनदिनों देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई का भारी विरोध हो रहा है. इस विरोध प्रदर्शन को अमेरिका समेत कई देशों का समर्थन भी मिल रहा है. अमेरिका हर हाल में ईरान में सत्ता परिवर्तन कर सालों से चली आ रही खामेनेई की हुकूमत को हटाना चाहता है, लेकिन खामेनेई अपनी सेना की बदौलत ईरान के सर्वोच्च नेता बने हुए हैं.
ईरान में पहले भी हो चुके हैं कई विरोध प्रदर्शन
बता दें कि ईरान एक ऐसा देश है अपनी कट्टरता और अपनी सैन्य शक्ति के लिए जाना जाता है. पिछले कुछ सालों में ईरान ने कई बार बड़े विद्रोह देखे. हिजाब विवाद से लेकर आर्थिक बदहाली तक. जिससे दुनिया को लगा कि शायद अब खामेनेई शासन के दिन गिनती के बचे हैं, लेकिन हर बार हर बगावत को एक ऐसी ताकत ने कुचल दिया जिसके बारे में कहा जाता है कि वह सरकार से भी बड़ी है. वह ताकत है आईआरजीसी की.
आईआरजीसी है खामेनेई की असली ताकत?
ऐसा कहा जाता है कि जब तक आईआरजीसी है तब तक खामेनेई को ईरान की सत्ता से कोई नहीं हटा सकता. ईरान एक ऐसा देश जो पिछले कई दशकों से दुनिया की महाशक्तियों की आंखों में आंखें डालकर खड़ा है. अमेरिका के कड़े प्रतिबंध, इजराइल के साथ तगड़ी दुश्मनी और देश के भीतर सुलगती बगावत की आग. अब सवाल उठता है कि आखिर ईरान का थियोक्रेटिक शासक यानी खामेनेई की सत्ता इतनी चुनौतियों के बावजूद टिकी कैसे है? चलिए जानते हैं...
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