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Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेला लगा हुआ है. इस मेले में पहुंचे श्मशान साधना करने वाले आशीष बाबा ने कई अनसुने राज खोले हैं, जो आपको भी जरूर जानने चाहिए. देखें वीडियो रिपोर्ट.
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Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेला लगा हुआ है. इस मेले में पहुंचे श्मशान साधना करने वाले आशीष बाबा ने कई अनसुने राज खोले हैं, जो आपको भी जरूर जानने चाहिए. देखें वीडियो रिपोर्ट.
Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है. इस दौरान यहां श्मशान साधना से जुड़े आशीष बाबा के विचारों ने श्रद्धालुओं और साधु-संतों को अपनी ओर आकर्षित किया है. आशीष बाबा ने हवन, पूजन, अघोर और अग्नि तत्व को लेकर प्रचलित भ्रांतियों पर खुलकर बात की और कहा कि आज धर्म के नाम पर सबसे बड़ा संकट आडंबर का है.
आशीष बाबा ने साफ शब्दों में कहा कि हवन या पूजन यदि किसी भौतिक इच्छा की पूर्ति के लिए किया जाए तो वह साधना नहीं, बल्कि दिखावा है. उन्होंने बताया कि शास्त्रों में अग्नि की पत्नी का नाम 'स्वाहा' है. अग्नि को ईंधन देना केवल सामग्री अर्पण करना नहीं होता है बल्कि ये ऊर्जा का आदान-प्रदान है. जब साधक निष्काम भाव से अग्नि को अर्पण करता है, तभी वह ऊर्जा के रूप में फल देती है.
अघोर पर बोलते हुए आशीष बाबा ने कहा कि अघोर कोई संप्रदाय या पंथ नहीं है, यह एक मानसिक अवस्था है. अघोर का अर्थ है- जो घोर न हो, जो सहज हो. उन्होंने कहा कि समाज में अघोर को नशा, श्मशान और तामसिक जीवन से जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, जबकि वास्तविक अघोर अद्वैत की अवस्था है, जहां कुछ भी घृणित नहीं होता है और न ही माना जाता है.