Lakh Take Ki Baat: ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिका ताइवान को सुरक्षा देने के लिए हारपून एंटी-शिप मिसाइलें भेज रहा है, जबकि चीन अपने अत्याधुनिक हाइपरसोनिक हथियारों की ताकत बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ताइवान ने अमेरिका से करीब 400 हारपून मिसाइलों की मांग की थी, जिनकी डिलीवरी शुरू हो चुकी है. इन मिसाइलों को तटीय इलाकों में तैनात किया जाएगा ताकि चीन के युद्धपोतों को रोका जा सके.
हारपून मिसाइलें करीब 148 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं और बड़े युद्धपोतों को तबाह करने में सक्षम हैं. दूसरी ओर, चीन अल्ट्रा-स्मॉल हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और YJ-15 जैसी तेज़ एंटी-शिप मिसाइलों पर काम कर रहा है. ताइवान अपनी “पॉर्क्यूपाइन स्ट्रेटजी” के जरिए चीन के हमले को महंगा बनाना चाहता है, लेकिन बढ़ते हथियारों से यह इलाका संभावित टकराव का केंद्र बनता जा रहा है.
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