Jharkhand Nikay Chunav: झारखंडनगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह मिल चुके हैं, लेकिन इसी के साथ बागी उम्मीदवारों ने राजनीतिक दलों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई जगहों पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ ही असंतुष्ट नेता मैदान में उतर गए हैं, जिससे सियासी गणित बिगड़ता नजर आ रहा है.
पार्टियां नई रणनीति बनाने में जुटीं
इस बार चुनाव गैर-दलीय आधार पर होने थे, इसलिए उम्मीद थी कि कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) मिलकर संयुक्त रणनीति बनाएंगे. लेकिन सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन सकी और दोनों दलों के समर्थक अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं. इससे गठबंधन का फार्मूला पूरी तरह फेल होता दिख रहा है.
बीजेपी भी इस स्थिति से अछूती नहीं है. कई स्थानों पर नेताओं के परिवार के सदस्य बागी बनकर चुनाव मैदान में हैं. नामांकन और नाम वापसी के आखिरी दिन भी काफी गहमागहमी रही. बदले हालात में अब सभी राजनीतिक दल नई रणनीति बनाने में जुट गए हैं.
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