Jharkhand News: झारखंड में पेसा कानून को लेकर सियासत गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सरकार पर आदिवासियों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया, जिससे राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है.
Jharkhand News:झारखंड में पेसा कानून को लेकर राजनीति तेज हो गई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने मौजूदा गठबंधन सरकार पर आदिवासी समाज के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पेसा कानून के नाम पर आदिवासियों की उम्मीदों को तोड़ा गया है और उन्हें गुमराह किया गया.
चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
चंपाई सोरेन का कहना है कि वर्ष 1996 में केंद्र सरकार द्वारा पेसा कानून लागू किया गया था, लेकिन इसे झारखंड में सही तरीके से लागू करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी शामिल हैं, ने पेसा की नियमावली को 23 तारीख को कैबिनेट से पास तो कर दिया, लेकिन उसे कुछ दिनों तक जानबूझकर गुप्त रखा गया.
आदिवासियों के हितों की अनदेखी- चंपाई सोरेन
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अब इसकी अधिसूचना जारी हुई है, तो साफ हो गया है कि इस कानून में आदिवासियों के हितों की अनदेखी की गई है. उनका आरोप है कि शेड्यूल एरिया में रहने वाले आदिवासियों को इससे अपेक्षित अधिकार नहीं मिले हैं. चंपाई सोरेन ने कहा कि अब आदिवासी समाज के बीच यह चर्चा तेज होगी कि पेसा कानून से उन्हें क्या मिला और क्या छिन गया. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और आंदोलन और तेज होने की संभावना है.
यह भी पढ़ें- Jharkhand Municipal Elections: झारखंड में फरवरी-मार्च में होंगे नगर निकाय चुनाव, तैयारियां तेज
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us