Jharkhand: झारखंड निकाय चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है. बीजेपी ने दलीय आधार और ईवीएम से चुनाव कराने की मांग की है, जबकि सरकार पर धांधली की आशंका और चुनाव टालने के आरोप लगाए हैं.
Jharkhand: झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि झारखंड में निकाय चुनावों का नतीजा महाराष्ट्र जैसा हो सकता है. इसी को लेकर प्रदेश बीजेपी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.
बीजेपी ने रखी ये मांगें
बीजेपी ने मांग की है कि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराए जाएं और मतदान ईवीएम से हो. पार्टी का कहना है कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर धांधली की आशंका रहती है. बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार हार के डर से दलीय आधार पर चुनाव नहीं करा रही है.
बीजेपी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया है कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं, तो प्रशासन के जरिए मतगणना को प्रभावित किया जा सकता है. पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए ईवीएम ही सबसे सुरक्षित तरीका है. इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी लगातार बैठकें कर रही है और सभी 48 नगर निकायों में कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारी
दूसरी ओर, राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है. उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह तक चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि चुनाव दलीय आधार पर होंगे या निर्दलीय रूप से, और मतदान ईवीएम से होगा या बैलेट पेपर से.
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कुल मिलाकर, झारखंड के निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म हो चुका है. एक तरफ बीजेपी के आरोप और मांगें हैं, तो दूसरी तरफ सरकार और चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार किया जा रहा है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है.
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