Jharkhand News: राजधानी रांची में झारखंड नरेगा वॉच और मनरेगा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के नए कानून विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण का कड़ा विरोध किया है. संगठनों का आरोप है कि इस कानून के जरिए मनरेगा को हटाकर उसकी जगह नया ढांचा लाया जा रहा है, जिससे मनरेगा की मूल भावना खत्म हो जाएगी.
संगठन ने जताई चिंता
संगठन के वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कृषि सीजन के दौरान 60 दिनों तक मनरेगा को स्थगित करने की बात कही गई है. झारखंड जैसे राज्य में यह समय सबसे कठिन होता है, जब ग्रामीण इलाकों में रोजगार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. अगर इस दौरान काम बंद हुआ तो मजदूरों का पलायन बढ़ेगा, भुखमरी जैसी स्थिति बनेगी और सामाजिक समस्याएं पैदा होंगी.
नरेगा वॉच ने दी चेतावनी
नरेगा वॉच ने चेतावनी दी कि इससे राज्य सरकार पर भी आर्थिक दबाव बढ़ेगा. संगठन ने घोषणा की है कि इस कानून के खिलाफ राज्यभर में लगातार अभियान चलाया जाएगा. 2 फरवरी को नरेगा दिवस पर रांची में मजदूरों का बड़ा जुटान होगा, ग्राम सभाओं से प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजे जाएंगे और काम मांग अभियान के जरिए मनरेगा को बचाने की मुहिम तेज की जाएगी.
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