Iran-America Conflict: ईरान कितना शक्तिशाली है? बताया जाता है कि ईरान हर दिन 400 से ज्यादा शाहीन कामाकाजी ड्रोन का निर्माण करने की क्षमताएं रखता है. यहां के शहरों में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्रियां फैली हुई हैं. देखें वीडियो रिपोर्ट.
Iran-America Conflict: अमेरिका और ईरान में युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है. यह युद्ध आसा नहीं माना जा रहा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता पर नई बहस छिड़ गई है. जानकारों का कहना है कि ईरान सिर्फ बयानबाजी नहीं बल्कि ठोस तैयारी के साथ वार्ता की मेज पर बैठा है. फिलहाल ईरान के पास मिसाइलों और ड्रोन की लंबी कतार है, जो न सिर्फ अमेरिका बल्कि इजरायल को भी चुनौती देने की ताकत रखता है. ईरान ने पिछले साल इजरायल के खिलाफ जवाबी हमले के दौरान अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन भी किया था.
ईरान के शहरों में डिफेंस फैक्ट्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान रोजाना सैकड़ों Shahed drone (कामिकाज़े ड्रोन) बनाने की क्षमता रखता है. ये ड्रोन झुंड में हमला करने की रणनीति के लिए जाने जाते हैं. सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में ड्रोन एक साथ किसी एयरक्राफ्ट कैरियर या युद्धपोत पर दागे जाएं, तो अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली भी दबाव में आ सकती है.
भू-राजनीतिक लिहाज से भी ईरान की स्थिति अहम है. दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz उसके प्रभाव क्षेत्र में आता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. इसके अलावा Bab-el-Mandeb जैसे समुद्री मार्गों में अस्थिरता का असर सीधे एशिया और यूरोप की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. चीन भी इस समीकरण का अहम खिलाड़ी है, क्योंकि वह ईरान के तेल का बड़ा खरीदार है. ऐसे में किसी संभावित संघर्ष का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक हो सकता है.
पूरी बात वीडियो रिपोर्ट में जानिए
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us