/newsnation/media/media_files/2025/02/28/XnULUXoWSdfzprsnc4Dq.jpg)
toll Photograph: (File Photo)
Toll Payment Rule: देश में हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) टोल कलेक्शन को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं. प्रस्ताव है कि 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था खत्म कर दी जाए. यानी आने वाले समय में वाहन चालकों को टोल देने के लिए केवल डिजिटल माध्यम का ही सहारा लेना होगा. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो देशभर के नेशनल हाईवे पर कैश लेन बंद की जा सकती हैं.
ये 2 तरीके ही होंगे मान्य
इसके बाद टोल भुगतान के लिए फास्टैग और यूपीआई ये दो ही तरीके मान्य होंगे. इसका मतलब यह है कि यदि कोई वाहन चालक टोल प्लाजा पर कैश लेकर पहुंचता है तो उसे भुगतान करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. सरकार का उद्देश्य टोल कलेक्शन को आसान और तेज बनाना है. डिजिटल भुगतान से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करने में मदद मिलेगी और यातायात भी ज्यादा सुचारु रहेगा. इसके साथ ही टोल वसूली की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी हो जाएगी.
FASTag क्या है और कैसे करता है काम
FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो RFID तकनीक पर आधारित है. इसे वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है. जब वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है तो स्कैनर इसे पढ़ लेता है और टोल की राशि अपने आप वाहन मालिक के बैंक खाते या फास्टैग वॉलेट से कट जाती है. इस तकनीक की मदद से वाहन को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होती. इससे समय की बचत होती है और ईंधन की खपत भी कम होती है. NHAI के अनुसार, देश में अब 98 प्रतिशत से अधिक वाहनों में फास्टैग लगाया जा चुका है. पिछले कुछ वर्षों में टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में कमी आने का बड़ा कारण भी यही सिस्टम माना जा रहा है.
UPI से भी कर सकेंगे टोल भुगतान
जिन वाहन चालकों के पास फास्टैग नहीं है या किसी कारण से वह काम नहीं कर रहा है, उनके लिए टोल प्लाजा पर Unified Payments Interface (UPI) के जरिए भुगतान की सुविधा भी दी जा रही है. कई टोल प्लाजा पर पहले से ही QR कोड के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था शुरू हो चुकी है. इसमें वाहन चालक अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन करके तुरंत टोल का भुगतान कर सकते हैं. इससे बिना कैश के भी टोल भुगतान करना आसान हो जाता है. डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार इस व्यवस्था को और व्यापक बनाने की योजना पर काम कर रही है.
कितने टोल प्लाजा होंगे प्रभावित
देशभर में करीब 1200 टोल प्लाजा इस बदलाव के दायरे में आ सकते हैं, अगर इस योजना को अंतिम मंजूरी मिल जाती है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में हाईवे पर यात्रा पूरी तरह डिजिटल हो सकती है. इस बदलाव के बाद वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन में फास्टैग लगा हो और उसमें पर्याप्त बैलेंस भी मौजूद हो. यदि फास्टैग काम नहीं कर रहा है तो उसे जल्द अपडेट करवाना जरूरी होगा. साथ ही फास्टैग को अपने बैंक खाते से लिंक रखना भी जरूरी है, ताकि टोल भुगतान में किसी तरह की परेशानी न हो. सरकार का मानना है कि इस कदम से टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ कम होगी, यात्रा का समय घटेगा और डिजिटल इंडिया की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा.
यह भी पढ़ें: एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर 5,100 से अधिक महिला कर्मचारियों को तैनात किया
यह भी पढ़ें: Ganga Expressway: मेरठ से प्रयागराज सिर्फ 7 घंटे में! जल्द खुलेगा 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे - जानें खासियत
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us