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सांकेतिक तस्वीर Photograph: (Grok)
Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में बनने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. करीब 594 किलोमीटर लंबा और छह लेन वाला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश का सबसे बड़ा सड़क प्रोजेक्ट माना जा रहा है. इसकी कुल लागत लगभग 36,200 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा. अभी इस दूरी को तय करने में लगभग 12 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफर सिर्फ 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
कहां से कहां तक जाएगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे की शुरुआत मेरठ के बिजौली गांव से होगी और यह प्रयागराज के जूड़ापुर दांडू गांव तक जाएगा. यह सड़क पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़ने का काम करेगी. यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत कुल 12 जिलों से होकर गुजरेगा. इस परियोजना के लिए करीब 518 गांवों की लगभग 7463 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है.
गाड़ियों की स्पीड और समय की बचत
गंगा एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे. इससे लंबी दूरी का सफर काफी कम समय में पूरा हो सकेगा. सरकार का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा.
कब शुरू हो सकता है एक्सप्रेसवे
फिलहाल, एक्सप्रेसवे पर आखिरी चरण का काम चल रहा है. खबरों के मुताबिक इसका उद्घाटन 25 से 31 मार्च के बीच किया जा सकता है. सरकार की योजना है कि 1 अप्रैल 2026 से इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली और गाड़ियों की आवाजाही शुरू कर दी जाए, ताकि नए वित्तीय वर्ष के साथ ही इससे राजस्व भी मिलने लगे.
कितना हो सकता है टोल
हालांकि, अभी आधिकारिक टोल दरों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार कारों के लिए टोल लगभग 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर हो सकता है. इस हिसाब से मेरठ से प्रयागराज तक एक तरफ का टोल करीब 1515 रुपये हो सकता है. छोटे कमर्शियल वाहनों के लिए लगभग 2405 रुपये, बस और ट्रकों के लिए करीब 4840 रुपये तक टोल देना पड़ सकता है.
यात्रियों के लिए सुरक्षा और सुविधाएं
इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है. पूरे रास्ते पर हर एक किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम से की जाएगी. इसके अलावा हाईवे पर जगह-जगह इमरजेंसी हेल्प नंबर वाले साइन बोर्ड लगाए जाएंगे ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके.
एक्सप्रेसवे की खासियत
गंगा एक्सप्रेसवे की एक बड़ी खासियत शाहजहांपुर के जलालाबाद में बनी 3.5 किलोमीटर लंबी एयर स्ट्रिप है. यहां जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान उतर और उड़ान भर सकते हैं. इस एयर स्ट्रिप पर पहले ही वायुसेना अभ्यास कर चुकी है, जिसमें कई आधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हुए थे. खास बात यह है कि यहां दिन और रात दोनों समय विमान उतर सकते हैं.
विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे से प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. खास तौर पर प्रयागराज जैसे धार्मिक शहरों में आने वाले यात्रियों के लिए यात्रा और आसान हो जाएगी. इस परियोजना का विचार पहली बार 2007 में मायावती सरकार के दौरान सामने आया था, लेकिन बाद में इसे 2021 में नए रूट के साथ फिर से शुरू किया गया और अब यह प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है.
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