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सड़क हादसों में घायलों का होगा फ्री इलाज Photograph: (Social Media)
PM Road Accident Relief Scheme: मोदी सरकार हर वर्ग के लिए तमाम योजनाओं चला रही है. इनमें एक योजना उन लोगों के इलाज के लिए भी चलाई जा रही है जो सड़क हादसों में घायल हो जाते हैं. ऐसे लोगों के इलाज का खर्च केंद्र सरकार वहन करती है. जिससे घायलों का समय पर और उचित इलाज किया जा सकें और उनकी जान बचाई जा सके. पीएम मोदी ने पिछले दिनों इस योजना को मंजूरी दे दी. इस योजना का नाम है 'पीएम राहत योजना'
जानें क्या है पीएम राहत योजना?
दरअसल, पीएम राहत योजना के तहत केंद्र सरकार सड़क हादसे में घायल होने वाले लोगों को सात दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दे रही है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना से देश के किसी भी कैटेगरी की सड़कों पर होने वाले हादसों में घायलों को फ्री इलाज की सुविधा मिलेगी. यानी राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग या ग्रामीण सड़क पर किसी भी स्थान पर होने वाली दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति इस सुविधा का लाभ उठा सकेगा. तो चलिए जानते हैं पीएम राहत योजना के तहत किन लोगों का इलाज मुफ्त होता है. इस योजना के नियम और शर्तें क्या हैं?
ये हैं पीएम राहत योजना से जुड़े नियम और शर्तें
प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक प्रति व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी. इस इलाज का पैसा मोटर वाहन दुर्घटना कोष से सीधे हॉस्पिटल को ट्रांसफर किया जाएगा. इस योजना के तहत जीवन को खतरे में नहीं डालने वाले मामलों में अधिकतर 24 घंटे तक और गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्टेबलाइजेशन इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.
यही नहीं इसके बाद भी सात दिनों की अवधि के अंदर कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी. यह पूरी प्रक्रिया एकीकृत डिजिटल प्रणाली के जरिए पूरी की जाएगी. जिसमें पुलिस प्रमाणीकरण आवश्यक होगा. वहीं जो मामले गंभीर नहीं होंगे उनमें 24 घंटे के अंदर और गंभीर मामलों में 48 घंटे के अंदर पुलिस की इसकी पुष्टि करनी होगी. जिससे घायल का बिना किसी रुकावट के इलाज चलाया जा सके. साथ ही संबंधित अधिकारियों और पुलिस की जवाबदेही भी तय की जा सके.
गोल्डन आवर में इलाज पर जोर दे रही सरकार
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, हमारे देश में हर साल बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं. जिनमें से कई की मौत समय पर इलाज न मिलने की वजह से हो जाती है. वहीं एक रिसर्च में सामने आया है कि अगर घायल को दुर्घटना के पहले एक घंटे यानी गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है. इसी उद्देश्य के लिए मोदी सरकार ने 112 हेल्पलाइन को आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से जोड़ा है. इस योजना के तहत सड़क हादसे के पीड़ित, राहगीर या मौके पर मौजूद कोई भी शख्स 112 नंबर डायल कर निकटतम नामित हॉस्पिटल की जानकारी लेकर उसके लिए एंबुलेंस की मदद मांग सकता है.
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