/newsnation/media/media_files/2026/01/13/pension-news-2026-01-13-20-50-27.jpg)
Pension News: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को और अधिक भरोसेमंद व सुरक्षित बनाने की दिशा में पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एक अहम पहल की है. सेवानिवृत्ति के बाद लोगों को स्थिर और सुनिश्चित आय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से PFRDA ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. इस समिति का काम एनपीएस के मौजूदा ढांचे के भीतर ऐसे नियम और दिशानिर्देश तैयार करना होगा, जिससे पेंशनधारकों को बाजार आधारित होने के बावजूद कानूनी रूप से लागू होने वाली सुनिश्चित पेंशन मिल सके.
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ा फैसला
PFRDA का यह कदम सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से भी जुड़ा माना जा रहा है. इस लक्ष्य के तहत हर नागरिक को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन देने पर जोर है. विशेषज्ञों का मानना है कि NPS में सुनिश्चित पेंशन का विकल्प आने से रिटायरमेंट के बाद आय को लेकर मौजूद अनिश्चितता काफी हद तक कम होगी.
15 सदस्यीय समिति, अनुभवी नेतृत्व
इस 15 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता डॉ. एम. एस. साहू कर रहे हैं, जो इन्सोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (IBBI) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. समिति में कानून, वित्त, बीमा, पूंजी बाजार, एक्चुरियल साइंस और अकादमिक क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं. पीएफआरडीए ने समिति को यह अधिकार भी दिया है कि जरूरत पड़ने पर वह बाहरी विशेषज्ञों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल कर सके.
क्या होगा समिति का मुख्य काम
यह समिति स्ट्रकचर्ड पेंशन पेआउट के लिए एक स्थायी सलाहकार निकाय की तरह काम करेगी. इसका उद्देश्य NPS में निवेश की संचय अवस्था से लेकर पेंशन भुगतान यानी संचयन चरण तक की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और निर्बाध बनाना है. समिति 30 सितंबर 2025 को जारी PFRDA के परामर्श पत्र में सुझाए गए सुनिश्चित पेंशन मॉडल को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक और मजबूत ढांचा तैयार करेगी.
पेंशनधारकों को कैसे मिलेगा फायदा
समिति बाजार आधारित गारंटी को कानूनी रूप से लागू करने के तरीकों पर भी विचार करेगी. इसमें नोवेशन, सेटलमेंट, लॉक-इन अवधि, निकासी की सीमा, प्राइसिंग मॉडल और सेवा शुल्क जैसे अहम पहलुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे.
इसके साथ ही जोखिम प्रबंधन, पूंजी और सॉल्वेंसी आवश्यकताओं और टैक्स से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा होगी. सबसे अहम बात यह है कि ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए एक मानकीकृत डिस्क्लोजर फ्रेमवर्क बनाया जाएगा, जिससे मिस-सेलिंग पर रोक लगे और बाजार आधारित गारंटी व सुनिश्चित पेंशन के फर्क को साफ तौर पर समझाया जा सके.
NPS के भविष्य की नई तस्वीर
कुल मिलाकर, PFRDA की यह पहल संकेत देती है कि NPS को केवल बाजार आधारित रिटायरमेंट स्कीम से आगे बढ़ाकर एक सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद पेंशन व्यवस्था में बदलने की ठोस कोशिश हो रही है. आने वाले समय में इस समिति की सिफारिशें भारत की पेंशन प्रणाली को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
यह भी पढ़ें - NPS को लेकर हुए दो बड़े बदलाव, कम होगी फीस, जानें और क्या-क्या?
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us