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UP में अब स्कूल ड्रेस पहनकर पार्क-मॅाल में नहीं जा सकेंगे स्टूडेंट्स, सरकार ने लगाई रोक

News Nation Bureau | Edited By : Sunder Singh | Updated on: 28 Jul 2022, 10:01:13 PM
baal ayog

file photo (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • बढ़ती घटनाओं को लेकर सरकार ने उठाया कदम 
  • किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ड्रेस में पाए जाने पर होगी कार्रवाई 

नई दिल्ली :  

students new rule: अगर आप भी ड्रेस पहनकर मॅाल-पार्क में घूमने के शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत काम की है. क्योंकि सरकार ने उत्तर प्रदेश में अब ऐसी किसी भी गतिविधि पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किये हैं. आपको बता दें कि  उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किया है. आदेश में इसका कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है. नियम लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ रही घटनाओं को रोकना है.  आयोग ने नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा है.

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बढ़ रहीं आपराधिक घटनाएं
 उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आयोग के संज्ञान में आया है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल टाइम में स्कूल व जाकर सार्वजनिक स्थानों, पार्क, मॉल और रेस्टोरेंट में जा रहे हैं. ऐसी परिस्थितियों में अप्रिय घटना होने की संभावना रहती है. ऐसे में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा गया है कि अपने-अपने जिलों के सार्वजनिक स्थानों पर विद्यालय समय में छात्र-छात्राओं का विद्यालय यूनीफार्म में प्रवेश न दिया जाए. जिससे इस तरह की घटनाओं को पर लगाम लगेंगी. इसलिए बाल संरक्षण आयोग का आदेश है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ड्रैस पहले स्टूडेंट्स को प्रवेश नहीं दी जाए.

नियमों को फॅालो न करने पर कार्रवाई 
आयोग से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गये लेटर में कहा गया है कि यदि किसी भी मॅाल य रेस्टोरेंट में स्टूडेंट्स ड्रैस में कोई पकड़ा गया तो संबंधित थाना क्षेत्र के थानाअध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी. इसलिए आदेशों को अभी से पालन करने के लिए कहा गया है. पत्र में साफ किया गया है कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास बच्चों के अधिकारों को लेकर खुद से कार्यवाही करने का अधिकार प्राप्त है. वहीं यदि बाल अधिकारों का कहीं उल्लंघन होता है तो वह स्वत: संज्ञान लेकर भी उचित कार्यवाही कर सकता है. उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम-2005 के प्रावधानों के तहत किया गया है.

First Published : 28 Jul 2022, 09:31:08 PM

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