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Alert: दिल्ली में बंद हुई डीजल गाड़ियों की Entry, सिर्फ इन वाहनों को मिली छूट

Delhi Entry Guidelines: दिल्ली में पॅाल्यूशन लेवर खतरे के निसान पर पहुंच गया है. लोगों की सांसों पर संकट गहराने लगा है. ऐसे में दिल्ली से सरकार ने भी कठोर फैंसले लेने शुरू कर दिये हैं.

Updated on: 02 Nov 2023, 10:47 AM

highlights

  • दिल्ली सरकार ने लगाया पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की Entry पर रोक 
  • एनजीटी पहले ही कर चुका है बढ़ते पॅाल्यूशन को लेकर अलर्ट
  • सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से पब्लिक ट्रांस्पोर्ट यूज करने की अपील की 

नई दिल्ली :

Delhi Entry Guidelines: दिल्ली में पॅाल्यूशन लेवर खतरे के निसान पर पहुंच गया है. लोगों की सांसों पर संकट गहराने लगा है. ऐसे में दिल्ली से सरकार ने भी कठोर फैंसले लेने शुरू कर दिये हैं. आपको बता दे कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली में वाहनों की एंट्री को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जिसमें साफ कहा गया है कि पुरानी बसें व डीजल व पेट्रोल के बीएस 3 व 4 वाहनों को दिल्ली में एंट्री नहीं दी जाएगी. यही नहीं कॅामर्शियल वाहनों को लेकर भी अपील की गई है. बताया गया कि वायु गणवत्ता सूचकांक 'बहुत खराब' श्रेणी में 397 है. साथ ही एक्यूआई 400 के पार पहुंच गई है.  

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लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट यूज करने की अपील 
दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से भी पब्लिक ट्रांस्पोर्ट यूज करने की अपील की है. बताया जा रहा है कि यदि स्तिथि नहीं सुधरी तो सभी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर रोक लगा दी जाएगी. परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में केवल सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों की ऐंट्री पर ही छूट दी जाएगी. उन्होने कहा कि हमने हाल ही में निजी सीएनजी बसों को किराए पर लिया है. हमने सरकारी आवासीय कॉलोनियों जैसे गुलाबी बाग और निमरी कॉलोनी के कर्मचारियों को लाने के लिए उनका इस्तेमाल करने का फैसला किया है. ताकि बढ़ते हुए हालातों को रोका जा सके.. 

सटल बसें चलाने पर विचार
वहीं दिल्ली सरकार पहले की तरह कर्मचारियों के लिए दिल्ली सचिवालय से आईटीओ और इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशनों के लिए शटल बस सेवा शुरू करेगी. ताकि बिगड़ति स्थिति पर काबू पाया जा सके. वहीं गाइडलाइन के मुताबिक दिल्ली में सिर्फ बीएस 6 मानकों के वाहनों की एंट्री पर छूट दी गई है. एनजीटी का मानना है कि जरूरत पड़ने पर और भी पाबंदियां लगाई जा सकती हैं. हालांकि कुछ लोग छोटी क्लास के स्कूलों को  बंद करने की भी मांग कर रहे हैं. लेकिन अभी तक सरकार की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है. सरकार का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरते हैं तो स्कूलों के बंद करने का फैसला लिया जा सकता है....