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Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत जिन लाभार्थियों के खातों में तकनीकी कारणों से पैसे नहीं पहुंच पा रहे थे, उन्हें अब अपनी गलती सुधारने का आखिरी मौका मिल गया है. राज्य सरकार ने योजना की ई-केवाईसी अपडेट करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है. महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र महिला को केवल तकनीकी या कागजी चूक के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा.
तकनीकी गलतियों से अटकी थी किस्त
बीते कुछ महीनों में सरकार को बड़ी संख्या में शिकायतें मिली थीं. कई महिलाओं ने बताया कि आवेदन के दौरान आधार, बैंक खाता या आय से जुड़ी जानकारी में मामूली गलती हो गई थी. कहीं दस्तावेज सही से अपलोड नहीं हुए, तो कहीं डिजिटल वेरिफिकेशन अधूरा रह गया. इन कारणों से कई लाभार्थियों की मासिक राशि रोक दी गई थी. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने ई-केवाईसी की समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया है.
हर महीने मिलते हैं 1,500 रुपये
जून 2024 में शुरू की गई मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है. सरकार के अनुसार, ई-केवाईसी प्रक्रिया हर साल पूरी करना जरूरी है ताकि योजना में पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाई जा सके.
घर बैठे आसानी से करें ई-केवाईसी
महिलाओं को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सरकार ने पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी है. लाभार्थी महिलाएं ladakibahin.maharashtra.gov.in वेबसाइट पर जाकर घर बैठे अपनी ई-केवाईसी अपडेट कर सकती हैं. पोर्टल पर जाकर e-KYC विकल्प चुनना होगा, जहां नाम, पता, आधार नंबर, बैंक विवरण और आय प्रमाण पत्र जैसी जानकारियों को दोबारा सत्यापित किया जा सकता है.
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
सरकार ने योजना के लिए कुछ स्पष्ट पात्रता शर्तें तय की हैं. लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए. परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी अनिवार्य है. इसके अलावा, लाभार्थी महिला किसी अन्य सरकारी वित्तीय सहायता योजना का लाभ न ले रही हो. बैंक खाता आधार से लिंक होना और सभी सरकारी रिकॉर्ड में जानकारी का सही होना भी जरूरी है.
सरकार का संदेश साफ
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ी है. इसलिए कोई भी पात्र महिला सिर्फ तकनीकी गलती की वजह से इस मदद से वंचित न रहे, यही सरकार की प्राथमिकता है.
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