बैंक लॉकर में क्या आपका कीमती सामान भी सुरक्षित है? अगर चोरी हुई तो कितना मिलेगा मुआवजा? जान लें नियम

Bank Locker Rules: दिल्ली के कीर्ति नगर में बैंक लॉकर से 60 लाख के गहने गायब होने के आरोप के बाद लॉकर सुरक्षा और मुआवजे के नियमों पर सवाल उठे हैं. जानिए RBI के नियम क्या कहते हैं.

Bank Locker Rules: दिल्ली के कीर्ति नगर में बैंक लॉकर से 60 लाख के गहने गायब होने के आरोप के बाद लॉकर सुरक्षा और मुआवजे के नियमों पर सवाल उठे हैं. जानिए RBI के नियम क्या कहते हैं.

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Yashodhan Sharma
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सांकेतिक तस्वीर Photograph: (Wikimedia)

Bank Locker Rules: बैंक लॉकर को आम तौर पर सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, जहां लोग अपने गहने, जरूरी दस्तावेज और अन्य कीमती सामान निश्चिंत होकर रखते हैं. लेकिन पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर में सामने आई एक घटना ने इस भरोसे को झटका दिया है. यहां पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा में लॉकर से करीब 60 लाख रुपये के सोने के गहने गायब होने का आरोप लगा है.

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क्या है पूरा मामला

दिल्ली की एक महिला और उनकी सास के मुताबिक उन्होंने बैंक की निर्धारित प्रक्रिया के तहत लॉकर खोला, लेकिन अंदर रखे गहने नहीं मिले. घटना की खबर फैलते ही अन्य लॉकर धारक भी घबरा गए और अपने-अपने लॉकर की जांच के लिए बैंक पहुंचने लगे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरुआती जांच की, लेकिन जबरन तोड़फोड़ के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले. बताया जा रहा है कि लॉकर हाल ही में ऑपरेट हुआ था.

उठ रहे ये गंभीर सवाल

इस मामले ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है जैसे कि लॉकर में रखे सामान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? आम धारणा यह है कि बैंक पूरी जिम्मेदारी लेता है, लेकिन वास्तविकता कुछ अलग है. बैंक केवल लॉकर की जगह और बुनियादी सुरक्षा उपलब्ध कराता है. उसे यह जानकारी नहीं होती कि ग्राहक ने अंदर क्या रखा है.

क्या कहते हैं नियम

भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, यदि लॉकर से सामान गायब होता है तो बैंक तभी जिम्मेदार माना जाएगा जब उसकी लापरवाही साबित हो जैसे सीसीटीवी का काम न करना, सुरक्षा में गंभीर चूक या स्टाफ की गलती. यदि ऐसी लापरवाही सिद्ध नहीं होती, तो बैंक पर सीधी जिम्मेदारी नहीं आती.

कब और कितना मिलता है मुआवजा

साल 2022 से लागू नियमों के मुताबिक, किसी भी स्थिति में बैंक अधिकतम लॉकर के वार्षिक किराए के 100 गुना तक ही मुआवजा देगा. उदाहरण के तौर पर, यदि लॉकर का सालाना किराया 4,000 रुपये है तो अधिकतम मुआवजा 4 लाख रुपये तक सीमित रहेगा, भले ही नुकसान उससे अधिक क्यों न हो. बाढ़, भूकंप या आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी कई परिस्थितियों में बैंक जिम्मेदार नहीं माना जाता.

लॉकर लेते समय एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ें

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लॉकर लेते समय एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ें. किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत बैंक को लिखित सूचना दें और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं. साथ ही महंगे गहनों और कीमती सामान का अलग से बीमा कराना समझदारी भरा कदम हो सकता है. बैंक लॉकर सुरक्षा जरूर देता है, लेकिन पूरी गारंटी नहीं.

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