8वें वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत की उम्मीद, HBA लोन 75 लाख तक करने का सुझाव

8वें वेतन आयोग के गठन के साथ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस को लेकर बड़े बदलावों की मांग उठी है. फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन ने लोन सीमा ₹75 लाख करने, ब्याज दर 5% तय करने और पात्रता अवधि 5 साल से घटाकर 2 साल करने का सुझाव दिया है.

8वें वेतन आयोग के गठन के साथ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस को लेकर बड़े बदलावों की मांग उठी है. फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन ने लोन सीमा ₹75 लाख करने, ब्याज दर 5% तय करने और पात्रता अवधि 5 साल से घटाकर 2 साल करने का सुझाव दिया है.

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Ravi Prashant
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8th पे कमीशन Photograph: (Canva)

8वें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगें सामने आने लगी हैं. इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण मुद्दा हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) से जुड़ा है. फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन (FNPO) ने कर्मचारियों के लिए इस योजना को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कई बड़े सुझाव सरकार के सामने रखे हैं.

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इन प्रस्तावों का उद्देश्य कर्मचारियों को घर बनाने या खरीदने के लिए अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और लोन प्रक्रिया को आसान बनाना है. अगर इन सुझावों को स्वीकार किया जाता है तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिल सकता है.

घर बनाने के लिए ₹75 लाख तक एडवांस का प्रस्ताव

FNPO ने सुझाव दिया है कि हाउस बिल्डिंग एडवांस की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर ₹75 लाख कर दिया जाए. वर्तमान समय में रियल एस्टेट की कीमतों और निर्माण लागत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में मौजूदा सीमा कर्मचारियों की जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रही है.

संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को उनकी मासिक सैलरी के 60 गुना तक या अधिकतम ₹75 लाख तक एडवांस मिलना चाहिए. इससे कर्मचारी अपने लिए बेहतर और स्थायी घर बनाने या खरीदने में सक्षम हो सकेंगे.

ब्याज दर को 5% पर तय करने की मांग

FNPO ने लोन की ब्याज दर को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिया है. संगठन का प्रस्ताव है कि हाउस बिल्डिंग एडवांस पर ब्याज दर को घटाकर 5% कर दिया जाए और इसे स्थिर रखा जाए.

वर्तमान में बाजार में होम लोन की ब्याज दरें काफी ज्यादा हैं. ऐसे में अगर सरकार कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराती है तो कर्मचारियों के लिए घर खरीदना काफी सस्ता और आसान हो जाएगा. इससे कर्मचारियों पर वित्तीय दबाव भी कम होगा.

पात्रता अवधि 5 साल से घटाकर 2 साल करने का सुझाव

मौजूदा नियमों के अनुसार किसी कर्मचारी को हाउस बिल्डिंग एडवांस का लाभ लेने के लिए कम से कम 5 साल की नियमित सेवा पूरी करनी होती है.

FNPO ने इस अवधि को कम करके 2 साल करने की मांग की है. संगठन का मानना है कि इससे नए भर्ती हुए कर्मचारियों को भी जल्द घर बनाने या खरीदने का अवसर मिलेगा. इससे कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता भी बढ़ेगी.

पुराने घर की खरीद और मरम्मत के लिए भी सुविधा

संगठन ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि कर्मचारियों को केवल नया घर बनाने के लिए ही नहीं बल्कि तैयार पुराने घर खरीदने के लिए भी HBA सुविधा दी जानी चाहिए.

इसके अलावा घर के विस्तार, सुधार या रिनोवेशन के लिए भी एडवांस उपलब्ध कराने की मांग की गई है. इससे कर्मचारी अपने मौजूदा घर को बेहतर बनाने के लिए भी इस योजना का उपयोग कर सकेंगे.

प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग

FNPO ने लोन से जुड़ी प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की है. संगठन का सुझाव है कि मॉर्गेज और डी-मॉर्गेज के दौरान लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस को माफ किया जाए या सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करे.

इसके साथ ही लोन मंजूरी और भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए ताकि कर्मचारियों को ज्यादा कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें.

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार

हालांकि इन सभी सुझावों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है. 8वें वेतन आयोग ने हाल ही में अपना कार्य शुरू किया है और इसे अपनी अंतिम रिपोर्ट देने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है.

रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार तय करेगी कि किन सिफारिशों को लागू किया जाएगा. अगर HBA से जुड़े ये प्रस्ताव स्वीकार किए जाते हैं तो आने वाले समय में केंद्रीय कर्मचारियों को घर से जुड़ी बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है.

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