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Jharkhand Government: गर्मी के मौसम से पहले झारखंड सरकार ने राज्य में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने राज्य के करीब 15 हजार खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराने का फैसला लिया है, ताकि गर्मियों में लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े. विभाग के अनुसार, जिन हैंडपंपों की मरम्मत की जानी है उनकी सूची जल सहिया द्वारा तैयार की जाएगी. इसके बाद ग्राम पंचायत के माध्यम से इस सूची को विभाग के डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा, ताकि काम की निगरानी सही तरीके से हो सके.
210 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
विभाग ने पिछले वित्त वर्ष में तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करने के साथ-साथ नए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भी कई योजनाएं बनाई हैं. इस दौरान राज्य में करीब 8 हजार नए हैंडपंप भी लगाए जाएंगे. इन सभी योजनाओं को लागू करने के लिए राज्य सरकार ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को करीब 210 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. बता दें कि राज्य में आज भी बड़ी आबादी पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर है. अनुमान के अनुसार लगभग 40 प्रतिशत लोग अभी भी हैंडपंप के जरिए ही पानी प्राप्त करते हैं. इसलिए सरकार इनकी मरम्मत और नए हैंडपंप लगाने पर विशेष ध्यान दे रही है.
घरों तक साफ पानी पहुंचाने की तैयारी
इसके अलावा सरकार घर-घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने की दिशा में भी काम कर रही है. नए वित्त वर्ष में इसके लिए लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है. इस राशि से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में घरों तक पेयजल कनेक्शन पहुंचाए जाएंगे. फिलहाल राज्य के करीब 20 प्रतिशत गांव ऐसे हैं जहां जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाएं शुरू नहीं हो पाई हैं. इन गांवों में पानी की समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार अपने संसाधनों से कनेक्शन उपलब्ध कराएगी. इसके लिए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडलों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
स्वच्छता पर भी विशेष जोर
सरकार सिर्फ साफ पानी उपलब्ध कराने पर ही नहीं, बल्कि स्वच्छता पर भी विशेष जोर दे रही है. जल स्रोतों के आसपास सफाई बनाए रखने, जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव और पाइपलाइन की मरम्मत पर भी काम किया जाएगा. सामुदायिक स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता को मिलाकर इस पूरी योजना पर करीब 98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे लोगों को साफ पानी के साथ बेहतर स्वच्छ वातावरण भी मिल सकेगा.
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