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पश्चिम बंगाल में सियासत गरमा चुकी है. राष्ट्रपति के सम्मान को लेकर उठे विवाद पर केंद्र सरकार पर ममता सीएम बनर्जी ने तीखा प्रहार किया है. ममता ने कहा कि हर चुनाव के वक्त उन्हें और उनकी सरकार को बेवजह दोषी ठहराया जाता है. उन्होंने कहा, 'हमें दोष मत दीजिए. जब भी चुनाव आता है, तब हमें ही जिम्मेदार किस लिए ठहराया जाता है.'
केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय था
ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है. उसके आयोजन स्थल को लेकर उन्होंने पहले ही पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. इसे फेसबुक पर भी साझा किया था, लेकिन उनकी चेतावनी को नजरअंदाज किया गया. उन्होंने कहा कि अब उसी मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को दोष दिया जा रहा है. यह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय था. राष्ट्रपति के राज्य में आने पर उन्हें रिसीव करने के लिए नहीं पहुंचने के लिए आलोचना का सामना कर रहीं सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं इस समय धरने पर बैठी हूं और लोगों के अधिकारों को लेकर संघर्ष कर रही हूं.' आपको बता दें कि एसआईआर के मुद्दे को लेकर कोलकाता में टीएमसी विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही है. आंदोलन तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है.
सरकार पर निशाना साधा
इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी की एक पुरानी तस्वीर को दिखाते हुए सीधे तौर पर निशाना साधा है. इस तस्वीर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी होकर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित कर रही हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी बैठे हुए हैं. ममता बनर्जी ने तस्वीर को दिखाते हुए कहा, 'यह खास तौर पर पीएम के लिए है.
आप देश की राष्ट्रपति और एक आदिवासी नेता को सम्मान नहीं करते हैं. यहां राष्ट्रपति खड़ी हैं और पीएम बैठे हुए हैं. हम राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, लेकिन वे सम्मान नहीं देते.' उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के वक्त पीएम मोदी वोट पाने के लिए पश्चिम बंगाल पर लगातार हमला करते हैं.
प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करने का आरोप
पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे पर प्रोटोकॉल फॉलो नहीं करने का आरोप पर लगाया है. उन्होंने कहा कि महिला दिवस के दिन मातृशक्ति का अपमान किया गया है. पीएम के इस आरोप पर ममता बनर्जी ने पलटवार किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर उनकी सरकार हमेशा से प्रतिबद्ध रही है. ममता बनर्जी ने कहा कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि उन्हें बताए कि महिलाओं का सम्मान किस तरह से करना है. वह बचपन से ही इस परंपरा को निभाती रहीं हैं.
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