पश्चिम बंगाल में ED ने जहां मारी रेड वहीं पहुंचीं ममता बनर्जी, पूरे प्रदेश में किया TMC के प्रदर्शन का ऐलान

ED Raids in West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी को लेकर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने प्रदेशभर में टीएमसी के प्रदर्शन का ऐलान भी किया

ED Raids in West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी को लेकर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने प्रदेशभर में टीएमसी के प्रदर्शन का ऐलान भी किया

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Dheeraj Sharma
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Mamata Banerjee at IPAC Office

Photo X (@AITCofficial)

ED Raids in West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी को लेकर नाराजगी जाहिर की है. ममता का आरोप है कि ईडी केवल जांच एजेंसी के तौर पर काम नहीं कर रही, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चुनावी रणनीति और आंतरिक दस्तावेज़ों को जब्त कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है. यही नहीं ममता बनर्जी उस जगह पर भी पहुंचीं जहां पर ईडी ने छापेमारी की. आईपैक के दफ्तर पहुंचने के बाद ममता काफी गुस्से में दिखाई दीं. उन्होंने प्रदेशभर में टीएमसी के प्रदर्शन का ऐलान भी किया. 

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क्या किसी पार्टी का डेटा उठाना ईडी का काम है?

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि किसी राजनीतिक पार्टी के हार्ड डिस्क, कैंडिडेट लिस्ट और रणनीतिक प्लान को कैसे जब्त किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर वह भी किसी दल के ऑफिस में छापेमारी करवाएं, तो क्या केंद्र सरकार इसे स्वीकार करेगी? ममता ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया और कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया जा रहा है.

IPAC ऑफिस और प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी

बता दें कि गुरुवार तड़के ईडी की टीमें दिल्ली से कोलकाता पहुंचीं और एक साथ कई ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की. इनमें प्रमुख रूप से IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के प्रमुख प्रतीक जैन का आवास और साल्ट लेक में स्थित IPAC का पुराना कार्यालय शामिल था. यह छापेमारी कथित फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है.

ममता की मौके पर मौजूदगी से बढ़ा राजनीतिक तापमान

करीब 11:30 बजे के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया, जब पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर और फिर खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पहुंचीं. बाहर निकलते समय उनके हाथ में एक हरी फाइल थी, जिसे दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी तृणमूल कांग्रेस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी 'हाइजैक' करने की कोशिश कर रही है.

चुनाव से पहले वोटर लिस्ट पर भी सवाल

ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए SIR प्रक्रिया के जरिए राज्य में वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं. उनका कहना है कि यह सब एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, ताकि तृणमूल कांग्रेस को चुनावी नुकसान पहुंचाया जा सके.

IPAC और TMC का पुराना रिश्ता

IPAC पिछले कई वर्षों से तृणमूल कांग्रेस का रणनीतिक सहयोगी रहा है. 2014, 2019 और 2021 के चुनावों में इस संगठन ने पार्टी के लिए नारे, रणनीति और उम्मीदवार चयन में अहम भूमिका निभाई. पहले प्रशांत किशोर इस संगठन से जुड़े थे, लेकिन बाद में प्रतीक जैन ने इसकी कमान संभाली. ऐसे में ईडी की कार्रवाई को लेकर उठे सवालों ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है.

IPAC कोई पार्टी कार्यालय नहीं कॉर्पोरेट ऑफिस है- सुवेंदु

वहीं बंगाल में रेड को लेकर बीजेपी की प्रतिक्रिया भी आई है. विपक्ष के सांसद सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता स्थित आईपीएसी कार्यालय पर ईडी की छापेमारी पर कहा, IPAC के पास मतदाता सूची क्यों होगी? मैं ईडी की जांच के बारे में कुछ नहीं कहूंगा. सीएम ने केंद्रीय एजेंसियों के काम में बार-बार बाधा डाली है. 

क्या आईपीएसी कोई पार्टी कार्यालय है? आईपीएसी एक कॉर्पोरेट संस्था है, पार्टी कार्यालय नहीं. 'मैं ममता बनर्जी को चुनौती देता हूं कि वे कहीं भी छापेमारी करें. अगर उनके आवास पर छापेमारी की जाती है, तो कम से कम 100 करोड़ रुपये बरामद होंगे.'

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