UP में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, रद्द किया असिस्टेंट प्रोफेसर का एग्जाम, जानें क्या है वजह

उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का फैसला किया है. आइए जानते हैं कि क्या है इसके पीछे की वजह.

उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का फैसला किया है. आइए जानते हैं कि क्या है इसके पीछे की वजह.

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Dheeraj Sharma
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सीएम योगी आदित्यनाथ Photograph: (X)

उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त करने का फैसला किया है. यह निर्णय यूपी एसटीएफ की जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद लिया गया है. जांच में परीक्षा से जुड़े लोगों पर धांधली और अवैध धन वसूली के आरोप पाए गए, जिसके बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया.

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STF जांच में क्या सामने आया?

यूपी एसटीएफ को सूचना मिली थी कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में कुछ गिरोह सक्रिय हैं, जो चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूल रहे हैं. जांच के दौरान कई ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे यह संकेत मिला कि प्रश्नपत्र लीक, मेरिट में हेरफेर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई.

STF को यह भी पता चला कि इस नेटवर्क में कुछ बिचौलिये और परीक्षा से जुड़े अंदरूनी लोग शामिल हो सकते हैं, जो लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे.

सरकार ने क्यों लिया परीक्षा रद्द करने का फैसला?

सरकार का कहना है कि जब किसी परीक्षा की पवित्रता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो जाएं, तो उसे जारी रखना सही नहीं होता. मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि योग्य उम्मीदवारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो. इसलिए, पूरी प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी व्यवस्था के तहत परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया.

अभ्यर्थियों में नाराजगी और चिंता

परीक्षा रद्द होने से हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने वर्षों की मेहनत और तैयारी इस परीक्षा के लिए की थी. कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की है. हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी, तो परीक्षा रद्द किया जाना जरूरी कदम है.

सरकार ने दिए संकेत 

योगी सरकार की ओर से साफ संकेत है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी. भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक टेक्नोलॉजी आधारित और पारदर्शी बनाया जाएगा.  संभावना है कि नई भर्ती प्रक्रिया के लिए जल्द ही नया शेड्यूल जारी किया जाएगा. फिलहाल मामले की गहन जांच जारी रहेगी.

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