रामलला के स्वागत की तैयारी अब महिलाओं के हाथों में, पीएम के दौरे से पहले दिखा ‘नारी शक्ति का श्रम-समर्पण’

अयोध्या में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पत्थरों को तराशती महिला कारीगरों की अनदेखी भूमिका सामने आई है. नारी शक्ति मंदिर निर्माण की बारीक नक्काशी से भव्यता को नया आकार दे रही है.

अयोध्या में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से पहले श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पत्थरों को तराशती महिला कारीगरों की अनदेखी भूमिका सामने आई है. नारी शक्ति मंदिर निर्माण की बारीक नक्काशी से भव्यता को नया आकार दे रही है.

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Ravi Prashant
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अयोध्या पीएम मोदी दौरा Photograph: (X/ANI)

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आज का दिन ऐतिहासिक होने वाला है. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह रामलला के दरबार में पूजा-अर्चना करेंगे और दोपहर 12 बजे मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे. यह ध्वजारोहण मंदिर की पूर्णता और आध्यात्मिक उत्सव का प्रतीक माना जा रहा है, लेकिन इस पूरे आयोजन से पहले एक अदृश्य शक्ति ने चुपचाप अपनी मेहनत से मंदिर को भव्य स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई है और वह है नारी शक्ति.

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महिलाओं कारिगर की शानदार तराशी

मंदिर परिसर में पिछले कई दिनों से महिलाएं पत्थरों को तराशते हुए दिखाई दे रही हैं. ये कोई साधारण निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी, मंदिर की आत्मा को आकार देने वाला काम है. इन महिला कारीगरों के हाथों ने ऐसे डिज़ाइन उकेरे हैं जो सनातन धर्म की प्राचीन स्थापत्य शैली और रामभक्ति की भावनाओं को मूर्त रूप देते हैं. कई कारीगर अपने छोटे औजारों से सावधानी और समर्पण के साथ हर रेखा काटती हैं, मानो वे ईश्वर के लिए अपनी भक्ति को पत्थर में उतार रही हों.

महिलाओं की शानदार मिसाल

जहां रामलला के लिए नया ध्वज आज शिखर पर चढ़कर भव्यता का संदेश देगा, वहीं इन महिलाओं की मेहनत इस भव्यता की जड़ में बसती है. मंदिर निर्माण के इतिहास में आमतौर पर पुरुष कारीगरों का नाम सुना जाता रहा है, लेकिन अयोध्या में यह दृश्य बदलता दिख रहा है. यहां महिलाएं न सिर्फ काम कर रही हैं, बल्कि अपने कौशल से साबित कर रही हैं कि आस्था के निर्माण में उनकी भूमिका भी उतनी ही मजबूत है.

आयोध्या में सुरक्षा की भारी तैनाती

इसके बीच सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रखी गई है. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए 6,970 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. एटीएस, एनएसजी स्नाइपर्स, एएसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और हजारों पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था से लेकर भीड़ नियंत्रण तक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

यह दृश्य केवल पूजा, ध्वज और प्रधानमंत्री के दौरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि अयोध्या के इस विशाल सांस्कृतिक नव-निर्माण में महिलाएं सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि सृजनकर्ता हैं। यही इस उत्सव का सबसे अनदेखा, पर सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है.

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