/newsnation/media/media_files/2025/08/29/sultanpur-6-lane-road-construction-2025-08-29-20-16-44.jpg)
Representational Image Photograph: (Social)
Sultanpur: उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर प्रदेश में एक और बड़ी सड़क परियोजना का खाका तैयार किया जा रहा है. प्रतापगढ़ बाईपास से अयोध्या रिंग रोड तक करीब 93 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन मार्ग बनाया जाएगा. इस हाईवे को ग्रीन फील्ड के रूप में विकसित किया जाएगा और इसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना भी है.
10 से 12 हजार करोड़ का अनुमानित खर्च
इस परियोजना पर 10 से 12 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. विभाग की ओर से अभी मैपिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है. मैपिंग और कार्ययोजना को स्वीकृति मिलने के बाद भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी. निर्माण के लिए 60 से 80 मीटर चौड़ाई में भूमि चिह्नित की जा रही है. साथ ही मार्ग के दोनों ओर सर्विस रोड भी विकसित किए जाएंगे.
67 गांवों से होकर गुजरेगा हाईवे
नया मार्ग प्रतापगढ़ और सुलतानपुर जिलों के लगभग 67 गांवों से होकर निकलेगा. इनमें तिवारीपुर, मुरलीनगर, खैंचिला खुर्द, भट्ठी जरौली, बैजापुर, लोदीपुर, दादूपुर, कटावां, छरौली, उमरी, अहिमाने, सलेमपुर, अलहदादपुर, नकहा, सोनबरसा, रतापुर, जूड़ापट्टी, पटना, महमूदपुर, भैरवपुर, पुरखीपुर और उमराभार जैसे गांव शामिल हैं. सदर तहसील के 50, बल्दीराय के 14 और जयसिंहपुर के तीन गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे.
चार ओवरब्रिज और तीन बड़े पुल बनेंगे
इस सिक्स लेन मार्ग पर चार रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. इनमें से एक प्रतापगढ़ और तीन सुलतानपुर जिले में होंगे. इसके अलावा प्रतापगढ़ में सई नदी पर, सुलतानपुर में गोमती नदी पर और कूरेभार क्षेत्र में शारदा नहर पर तीन बड़े पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है.
डीपीआर तैयार करने में जुटी कंपनी
दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी टीएएसपीएल (टेक्नोक्रेट्स एडवाइजरी सर्विसेज प्रा. लि.) इस परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर रही है. डीपीआर पूरी होने के बाद इसे स्वीकृति के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा.
क्षेत्रीय विकास की उम्मीद
सिक्स लेन ग्रीन फील्ड परियोजना न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगी बल्कि प्रतापगढ़, सुलतानपुर और अयोध्या जिलों के आर्थिक विकास को भी नई गति देगी. ग्रामीण इलाकों से गुजरने के कारण यहां के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा. इसके साथ ही कृषि व औद्योगिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है.
यह परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ, प्रयागराज और अयोध्या जैसे बड़े शहरों तक आवागमन और आसान हो जाएगा. ग्रामीणों व स्थानीय व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
यह भी पढ़ें: KMP Expressway पर आधी रात को बढ़ जाएंगी टोल की दरें, अब सफर करना होगा महंगा, तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी