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वाराणसी में बनेगा संत करीब टेक्सटाइल पार्क Photograph: (@myogiadityanath/Social Media)
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हर वर्ग के लिए नई-नई योजनाएं चला रही है. अब योगी सरकार ने बुनकरों और कारीगरों को विकास के लिए अहम कदम उठाया है. दरअसल, अब योगी सरकार वाराणसी में एक टेक्टलाइट पार्क बनाने जा रही है. जिसके लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है. ये टेक्सटाइल पार्क वाराणसी के रमना में बनाया जाएगा. जो 75 एकड़ भूमि पर बनेगा. इस टेक्सटाइल पार्क को संत कबीर टेक्सटाइल पार्क नाम दिया गया है. इस टेक्सटाइल पार्क के बनने से एक छत के नीचे बुनकरों से जुड़ी सभी इकाइयां स्थापित हो जाएंगी.
वाराणसी के जिलाधिकारी ने दी ये जानकारी
वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि संत कबीर टेक्सटाइल पार्क के निर्माण के लिए योगी सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है. उन्होंने बताया कि टेक्सटाइल पार्क में एक छत के नीचे बुनकरों से जुड़ी सभी इकाइयों को स्थापित किया जाएगा. टेक्सटाइल पार्क से नए उद्योगों की स्थापना का रास्ता भी खुलेगा. इसके साथ ही इस टेक्सटाइल पार्क से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी. साथ ही पूर्वांचल औद्योगिक मानचित्र पर और मजबूत होकर उभरेगा.
बुनकर परंपरा और आधुनिक उद्योग का होगा संगम
जिलाधिकारी ने कहा कि संत कबीर टेक्सटाइल पार्क के बनना बुनकरी परंपरा और आधुनिक उद्योग का संगम होगा. उन्होंने कहा कि ये परियोजना पूर्वांचल की पारंपरिक बुनकरी और बनारसी हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाएगी. बता दें कि जल्द ही जिले में 75 75 एकड़ क्षेत्रफल में संत कबीर टेक्सटाइल एंड अपैरल पार्क बनाने की शुरुआत होगी. जिसे लेकर हाल ही में कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है.
टेक्सटाइल पार्क बनने से इन जिलों को होगा फायदा
वाराणसी के रमना में बनने वाले इस टेक्सटाइल पार्क से वाराणसी समेत आसपास के कई जिलों को फायदा होगा. इनमें चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और भदोही शामिल हैं. इन जिलों के करीब 5000 बुनकरों और कारीगरों को इस टेक्सटाइल पार्क के बनने से बड़े पैमाने पर लाभ होगा. इस टेक्सटाइल पार्क में टेक्सटाइल और परिधान उद्योग से जुड़े सभी प्रकार के उत्पादों की यूनिटों को स्थापिक किया जाएगा.
इस टेक्सटाइल पार्क में धागा निर्माण से लेकर साड़ी बुनाई, प्रिंटिंग, प्रोसेसिंग और फिनिशिंग तक की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी. जिससे उत्पादन प्रक्रिया सरल और किफायती हो जाएगी. इस टेक्सटाइल पार्क के बनने को लेकर बुनकरों का कहना है कि लंबे समय से रोजगार और बेहतर होगा साथ ही उन्हें दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा.
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