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दिव्यांगजनों को योगी सरकार का तोहफा Photograph: (X@CMOfficeUP)
UP News: अगर आप नए साल में लखनऊ में घर या दुकान बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है. अब भवन का नक्शा पास कराने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. एलडीए ने नए बिल्डिंग बायलाज के तहत फास्ट ट्रैक डिजिटल सिस्टम ‘फास्टपास’ लागू कर दिया है, जिसके जरिए भूखंड स्वामी खुद ही ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृत कर सकेंगे.
क्या है फास्टपास सिस्टम?
फास्टपास एक पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक प्रक्रिया है, जिसमें मानचित्र स्वीकृति के लिए किसी अधिकारी की फाइल पर निर्भरता नहीं रहेगी. इस प्रणाली के तहत 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भवन और 30 वर्गमीटर तक के व्यावसायिक (कमर्शियल) भवन का नक्शा संपत्ति का मालिक स्वयं पास कर सकता है. इसके लिए केवल map.up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
चंद मिनटों में मिलेगा स्वीकृत नक्शा
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, नए सॉफ्टवेयर की मदद से पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और तेज बना दी गई है. जैसे ही भूखंड स्वामी आवश्यक विवरण और नक्शा पोर्टल पर अपलोड करता है, सिस्टम अपने आप तय मानकों के आधार पर उसकी जांच करता है. सभी शर्तें पूरी होने पर कुछ ही मिनटों में मानचित्र स्वीकृत हो जाता है और आवेदक को स्वतः प्रमाणित नक्शा और सर्टिफिकेट मिल जाता है.
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
- फास्टपास के तहत नक्शा पास कराने के लिए कुछ शर्तों का पालन अनिवार्य होगा
- भूखंड का लैंड यूज मास्टर प्लान के अनुरूप होना चाहिए
- आवेदन में भूखंड की सटीक लोकेशन देनी होगी
- आसपास की सड़कों की लंबाई और चौड़ाई का विवरण जरूरी होगा
- प्रस्तावित भवन की ऊंचाई, कवर्ड एरिया, फ्रंट, साइड और रियर सेटबैक की जानकारी देनी होगी
- प्रवेश और निकास द्वार तथा पार्किंग व्यवस्था का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य होगा
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
आवेदन की शुरुआत पोर्टल पर नाम और मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन से होगी. इसके बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाकर आवेदक अपना नक्शा अपलोड कर सकता है. पोर्टल पर ही शुल्क की गणना होगी और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी मिलेगी. आवेदन सबमिट करते ही सिस्टम स्वतः मानचित्र की तकनीकी जांच करेगा.
आम लोगों को बड़ी राहत
इस नई व्यवस्था से नक्शा पास कराने में होने वाली देरी, अनावश्यक परेशानी और दफ्तरों के चक्कर खत्म होंगे. फास्टपास सिस्टम पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ लखनऊ में निर्माण प्रक्रिया को आसान और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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