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योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
UP News: अगर आप भी यूपी में नया कारोबार या बिजनेस शुरू करने की योजना बना रहे हैं आपको लिए खुशखबरी है. क्योंकि योगी सरकार राज्य में बिजनेस शुरू करने के लिए नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है. जिससे राज्य में बिजनेस शुरू करना आसान हो जाएगा. जिसके तहत आपको दफ्तरों के चक्कर काटने, लंबी फाइलों और कई महीनों तक इंतजार नहीं करना होगा.
इसके लिए योगी सरकार व्यापार करने का अधिकार अधिनियम लाने की व्यवस्था कर रही है. जिसमें हलफनामे और स्व-घोषणा के आधार पर ही व्यवसाय करने की मंजूरी मिल जाएगी. योगी सरकार का ये कदम सीधे तौर पर पुराने लाइसेंस-परमिट राज पर एक करारा प्रहार होगा. जो खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.
अभी राज्य में लागू हैं ये नियम
बता दें कि उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोई नया रोजगार या नई इकाई शुरू करने या मौजूदा कारोबार को बढ़ाने के लिए कई विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है. जिनमें फायर, प्रदूषण, श्रम, नगर निकाय समेत कई विभाग शामिल हैं. मंजूरी लेने में ही कई महीने का समय लग जाता है. लेकिन अब प्रस्तावित व्यवस्था में पात्र इकाइयों को केवल हलफनामा और स्व-प्रमाण पत्र देना होगा, जिसके आधार पर कुछ ही दिनों में नए कोराबार के लिए अस्थायी लेकिन वैध मंजूरी प्रदान कर दी जाएगी.
'पहले काम, बाद में जांच का सिद्धांत' होगा लागू
योगी सरकार की नई प्रस्तावित नीति की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये व्यवस्था 'पहले काम, बाद में जांच का सिद्धांत' पर आधारित होगी. यानी आप अपने यह शपथ देंगे कि वह सभी कानूनों, मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे. इसके बाद सरकार उसे कारोबार शुरू करने से नहीं रोकेगी. हालांकि बाद में जोखिम आधारित और याच्छिक निरीक्षण भी किया जाएगा.
अगर किसी ने गलत जानकारी दी या नियमों का उल्लंघन किया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. नई व्यवस्था से ईमानदार उद्यमियों को तुरंत राहत मिलेगी, जबकि नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी. विशेषज्ञों की मानें तो नई व्यवस्था भरोसे पर आधारित शासन ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.
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MSME सेक्टर को मिलेगी राहत
योगी सरकार की नई व्यवस्था से एमएसएमई सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी. क्योंकि राज्य में रोजगार का बड़ा हिस्सा एमएसएमई सेक्टर से आता है, बावजूद इसके यही वर्ग सबसे अधिक नियमों की मार झेलता है. ऐसे में छोटे कारोबारी न तो महंगे सलाहकार रख सकते हैं और न ही महीनों तक बिना काम शुरू किए परमिशन की इंतजार कर सकते हैं. नई व्यवस्था के तहत हलफनामे पर मंजूरी मिलने से दुकान, फैक्ट्री, वर्कशॉप या स्टार्टअप को कुछ ही दिनों में शुरू किया जा सकेगा.
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