UP News: यूपी में की जाएगी 1000 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना, लाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार

UP News: सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है. फिर चाहे औद्योगिकीकरण हो या रोजगार के अवसर. अब योगी सरकार का लक्ष्य राज्य में 1000 ग्लोबल कैपैबिलिटी सेंटर्स की स्थापना करना है.

UP News: सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है. फिर चाहे औद्योगिकीकरण हो या रोजगार के अवसर. अब योगी सरकार का लक्ष्य राज्य में 1000 ग्लोबल कैपैबिलिटी सेंटर्स की स्थापना करना है.

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Suhel Khan
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योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश Photograph: (X@myogiadityanath)

UP News: सीएम योगी राज्य के विकास के लिए तमाम योजनाओं चला रहा हैं. जिसके चलते आज राज्य में तमाम वैश्विक कंपनियां लंबे समय के लिए निवेश कर रही हैं. उद्योग जगत के विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले सालों में उत्तर प्रदेश वैश्विक कंपनियों का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा. इसमें योगी सरकार का राज्य में 1000 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने का लक्ष्य भी शामिल है. जिसके तहत राज्य के पांच लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है.

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जानें क्या होता है ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

बता दें कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर वह स्थान होता है जहां कोई बड़ी विदेशी कंपनी अपने महत्वपूर्ण काम अपने कर्मचारियों द्वारा करवाती है. जिसमें कोई बाहरी कर्मचारी या कोई वेंडर नहीं लगाया जाता है. बता दें कि उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति 2024 के माध्यम से योगी सरकार ने जिस नीतिगत स्पष्टता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को अपनाया है उससे वैश्विक कंपनियों की सबसे बड़ी चिंता को दूर कर दिया है.

इनमें नियमों के तहत अनिश्चितता और प्रक्रियाओं में देरी सबसे प्रमुख चुनौती मानी जाती थी, जिसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्पष्ट ढांचा तैयार किया है. जिसके तहत निवेशकों को शुरू से ही नियम शर्तें और अपने दायित्व के बारे में पता चल जाएगा. जिससे भरोसे का वातावरण पैदा हो रहा है और निर्णय लेने की गति भी तेज हुई है. यही वजह है कि अब राज्य में करीब 90 जीसीसी का संचालन हो रहा है.

स्थायी औद्योगिक ढांचे को मिल रही प्राथमिकता

योगी सरकार के सहयोग से भूमि आधारित प्रोत्साहन, निवेश की शुरुआती लागत को कम करने में अहम भूमिका है. दरअसल, योगी सरकार की सोच है कि जब निवेशक को शुरुआती चरण में संरचनात्मक सहयोग मिलेगा तो वह लंबे समय तक प्रदेश से जुड़ा रहेगा. जिसके चलते अस्थायी ऑफिस या किराए की व्यवस्था के स्थान पर स्थायी औद्योगिक ढांचे को प्राथमिकता मिल रही है. यह मॉडल प्रदेश के औद्योगिक विकास को मजबूती और स्थिरता प्रदानकर रहा है. बता दें कि योगी सरकार राज्य में सिर्फ निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है बल्कि इसके लिए समय के साथ क्रियान्वयन भी किया जा रहा है. जिससे हर किसी की जवाबदेही तय हो गई है और सभी परियोजनाएं तय समय से पूरी हो रही हैं.

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रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

इसके साथ ही ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के जरिये राज्य में हाई वैल्यू रोजगार के भी नए अवसर पैदा हो रहे हैं. इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, डाटा और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल रहा है. जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता में मजबूत हो रही है और ये प्रतिभा पलायन पर भी नियंत्रण करने का जरिया बन गया है. इनमें खासकर कम विकसित क्षेत्र शामिल हैं. जिनमें निवेश को प्रोत्साहित कर सरकार क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. जब वैश्विक कंपनियां इन क्षेत्रों में आएंगी तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी तेज गति प्रदान करेंगी.

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