/newsnation/media/media_files/2026/02/11/mobile-2026-02-11-11-43-53.jpg)
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. उन्होंने बताया कि देश का 65 फीसदी मोबाइल फोन प्रोडक्शन यूपी में हो रहा है. जिससे रोजगार की संभावनाएं सबसे अधिक हैं. बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा, हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल के दौरान प्रदेश के हर क्षेत्र में सर्वांगीण विकास देखा है.
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का निर्यात भी काफी तेजी
इससे पहले भी इस तरह की जानकारी यूपी के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने दी थी. उन्होंने बताया था कि नोएडा में मोबाइल फोन उत्पादन में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है. यूपी में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का निर्यात भी काफी तेजी से बढ़ा है. 2017 में यह 3,862 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 44,744 करोड़ तक हो गया है. आईटी निर्यात भी 55,711 करोड़ से 82,055 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. राज्य सरकार की नीति ने इस विकास में अहम भूमिका निभाई है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने मोबाइल फोन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. राज्य सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है. इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति को मंजूरी मिली है. इससे 11 प्रमुख कलपुर्जों के उत्पादन को बढ़ावा मिलने वाला है. इस नीति से प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के लाखों अवसर मिलने वाले हैं.
चीन और ताइवान की कंपनियां 500 करोड़ का करेंगी निवेश
उत्तर प्रदेश के निवेशक सम्मेलन के दौरान 42 हजार करोड़ रुपये का निवेश आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में आया है. उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने जा रही है. इसके लिए राजधानी लखनऊ के नादरगंज इलाके में जमीन को अधिग्रहीत किया गया है. वहीं इसके साथ मेरठ, आगरा, गोरखपुर, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और बरेली में आईटी पार्क को खोलने की तैयारी है. इसके साथ ही Tegna (Noida) में इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर्स स्थापित होंगे. इस बात की उम्मीद जताई रही है कि चीन और ताइवान की कंपनियां यहां पर 500 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी.
ये भी पढ़ें: Explainer: 'क्या ये छोटा-सा बदलाव बड़ा मैसेज दे रहा है, राष्ट्रगीत को राष्ट्रगान से ऊपर रखने की कोशिश?
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us