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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर मुकदमा चर्चा का विषय है. इस बीच स्वामी पर मुकदमा दर्ज करवाने वाले अशुतोष ब्रह्माचारी भी खुद विवादों के घेरे में हैं. शंकराचार्य का दावा है कि आशुतोष एक हिस्ट्रीशीटर है. उनके खिलाफ दो दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज किए गए है. आशुतोष खुद को सहारनपुर की शाकुभ्भरी पीठ से जड़ा संत बताया है. हालांकि, पुलिस का रिकॉर्ड उनकी पोल खोलता नजर आ रहा है. आपको बता दें कि अशुतोष ब्रह्मचारी ने ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक सहयोगी के खिलाफ यौन शोषण का केस दर्ज करवाया है.
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किस तरह से शुरू हुआ विवाद
बीते शुक्रवार को यह विवाद तब सामने आया, जब आशुतोष ने प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके सहयोगी पर यौन शोषण का आरोप लगाया. इसके साथ एफआईआर दर्ज कराई. इस कदम से आशुतोष का नाम अचानक सुर्खियों में आ गए. अब शंकराचार्य ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, ‘आशुतोष कोई संत नहीं, बल्कि एक हिस्ट्रीशीटर है. उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं. ये उसके चरित्र को उजागर करता है.’
क्या कहते हैं पुलिस रिकॉर्ड?
पुलिस दस्तावेजों के तहत, राजेंद्र सिंह के बेटे आशुतोष ब्रह्मचारी का आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 2002 से आरंभ होता है. शामली के कांधला थाना के तहत आने वाले मौजा रायजादगंज के निवासी आशुतोष ब्रह्मचारी पर कई धाराओं में केस दर्ज हैं. मामले में प्रमुख रूप से गौ-हत्या और तस्करी से जुड़े गौवध निषेध अधिनियम के तहत कई केस दर्ज हैं. गोंडा में गो-तस्कर माजिद हसन के साथ मिलकर रिश्वत का प्रयास का भी केस दर्ज हुआ था.
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