Sambhal Violence Report: संभल रिपोर्ट में सामने आये Al Qaeda -ISIS जैसे आतंकी नेटवर्क

Sambhal Report: रिपोर्ट में बताया गया कि 1947 में जहां हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर करीब 15 प्रतिशत रह गई है. दूसरी ओर मुस्लिम आबादी जो पहले 55 प्रतिशत थी, वह बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई.

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Yashodhan.Sharma
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Sambhal Report: रिपोर्ट में बताया गया कि 1947 में जहां हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर करीब 15 प्रतिशत रह गई है. दूसरी ओर मुस्लिम आबादी जो पहले 55 प्रतिशत थी, वह बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई.

Sambhal Vilolence: उत्तर प्रदेश के संभल जिले को लेकर आई एक रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं. नवंबर में हुई हिंसा की जांच के लिए गठित आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है. रिपोर्ट के अनुसार यह हिंसा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पहले से रची गई गहरी साजिश थी.

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हिंदुओं को बनाया गया निशाना

रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि दंगे के दौरान खासतौर से हिंदुओं को निशाना बनाया गया. आयोग के मुताबिक, आजादी के बाद से संभल में लगातार हिंदुओं का पलायन होता रहा है. इसका मुख्य कारण दंगे और असुरक्षा का माहौल रहा. रिपोर्ट में बताया गया कि 1947 में जहां हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर करीब 15 प्रतिशत रह गई है. दूसरी ओर मुस्लिम आबादी जो पहले 55 प्रतिशत थी, वह बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई.

दंगों ने बदली सामाजिक तस्वीर

आयोग ने अपनी जांच में यह भी दर्ज किया कि 1947 से 2019 तक संभल में 15 बड़े दंगे हुए. इन दंगों ने जिले की सामाजिक और जनसंख्या संरचना को पूरी तरह बदल दिया. आयोग ने यह भी कहा कि यहां ब्रेन वाश और लव जिहाद जैसे मामले सामने आए, जिनमें योजनाबद्ध तरीके से हिंदू परिवारों की बेटियों को फंसाया गया.

अंतरराष्ट्रीय आतंकियों से कनेक्शन

सबसे गंभीर खुलासा रिपोर्ट में आतंकी संगठनों की सक्रियता को लेकर किया गया है. इसमें कहा गया कि संभल में हरकत-उल-मुजाहिदीन और तहरीक-ए-तालिबान जैसे संगठनों का नेटवर्क सक्रिय रहा है. अलकायदा और आईएसआईएस जैसे बड़े आतंकी संगठनों के भी जिले से कनेक्शन मिले. रिपोर्ट में कई नामों का जिक्र है, जिनमें अलकायदा का साउथ एशिया कमांडर मौलाना असीम उमर और अलकायदा इंडिया का चीफ मोहम्मद आसिफ शामिल हैं.

राजनीतिक परिवार पर भी आरोप

आयोग की रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बरक और उनके परिवार का भी जिक्र किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने अराजकता फैलाने में भूमिका निभाई और सीएए विरोध के दौरान जबरन बाजार बंद कराए.

निगरानी और कड़े कदम की सिफारिश

रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि संभल को आतंकियों ने एक तरह से दक्षिण एशिया में नेटवर्क फैलाने का अड्डा बनाया. यहां से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और 'गजवा-ए-हिंद' जैसी साजिशों के तार जुड़े मिले. आयोग ने सिफारिश की है कि संभल जैसे जिलों पर विशेष निगरानी रखी जाए और आतंकवाद व सांप्रदायिक साजिशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

यह भी पढ़ें: Sambhal Violence: जांच कमेटी ने सीएम योगी को सौंपी संभल हिंसा की रिपोर्ट, हिंदुओं की घटती आबादी का भी जिक्र

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